Sunday, October 2, 2022
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श्रीलंका ने नये प्रधानमंत्री बने विक्रमसिंघे, PM बनने के बाद बोले- राष्ट्रपति के खिलाफ आंदोलन रहेगा जारी

कोलंबो. श्रीलंका में भारी राजनीतिक उथल पुथल के बीच रानिल विक्रमसिंघे ​​​​नए प्रधानमंत्री बन गए. प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली बार मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘Gota Go Gama आंदोलन जारी रहना चाहिए। विरोध प्रदर्शन के बीच गुरुवार की शाम रानिल विक्रमसिंघे ने श्रीलंका के नए प्रधानमंत्री बन गए. मैं और पुलिस इस आंदोलन को रोकने के लिए कोई हस्तक्षेप नहीं करेंगे.’ उन्होंने बताया कि नए मंत्रिमंडल गठन पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है.

बता दें कि श्रीलंका में राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के खिलाफ ‘Gota Go Gama’ नारे का इस्तेमाल किया जाता है. सिंहली भाषा में गामा का मलतब गांव होता है. प्रदर्शनकारी एक जगह जमा होकर तंबू लगाते हैं और गाड़ियों के हार्न बजाते हुए राष्ट्रपति और सरकार के खिलाफ गोटा-गो-गामा का नारा बुलंद करते हैं.

इसके साथ ही आइए जानते हैं श्रीलंका संकट के अबतक के बड़े अपडेट्स…

श्रीलंका में 13 और 14 मई को 5 घंटे बिजली कटौती को मंजूरी दी गई है. इससे लोगों में खासा आक्रोश है. लोग तंबू लगाकर राष्ट्रपति आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं.

श्रीलंका में हिंसा भड़काने के लिए 59 सोशल मीडिया ग्रुप की पहचान की गई. श्रीलंकाई पुलिस को हिंसा करने वालों पर गोली चलाने का निर्देश दिया गया.

तीन दिन पहले हिंसक झड़प में श्रीलंकाई सांसद अमरकीर्ति अथुकोरला की मौत हो गई थी. जिसके बाद आशंका जताई गई थी कि उन्होंने सुसाइड कर लिया है. हालांकि, अब पुलिस ने साफ कर दिया है कि अमरकीर्ति की हत्या की गई थी. भीड़ ने उन्हें पीट-पीट कर मार डाला था.

सेंट्रल बैंक के गवर्नर नंदलाल वीरसिंघे का कहना है कि अगर आम लोगों पर टैक्स नहीं बढ़ाया गया तो सरकारी कर्मचारियों को तनख्वाह देने के लिए नए नोट प्रिंट करने होंगे.

इस बीच पूर्व प्रधानंत्री महिंदा राजपक्षे के बेटे और पूर्व कैबिनेट मंत्री नामल राजपक्षे ने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों की ओर से उकसावे की कार्रवाई की गई. फिलहाल देश में कोई कानून-व्यवस्था नहीं है.

दूसरी तरफ, एक अहम पॉलिटिकल डेपलपमेंट के तहत पूर्व PM महिंदा राजपक्षे और उनके 8 करीबी सहयोगियों के देश छोड़ने पर एक अदालत ने रोक लगा दी है.

श्रीलंका में फंसे भारतीयों के लिए हेल्पलाइन नंबर +94-773727832 और ईमेल ID [email protected] जारी की गई है.

श्रीलंका पेट्रोलियम प्राइवेट टैंकर ओनर्स एसोसिएशन (SLPPTOA) ने ऑयल और गैस के वितरण को अस्थायी तौर पर रोक दिया है। SLPPTOA का कहना है कि जब सुरक्षा तय नहीं की जाएगी, तब ऑयल वितरण नहीं होगा. वहीं, एसोसिएशन की सचिव शांता सिल्वा का कहना है कि कुछ खास जगहों पर सुरक्षा के बीच ही ऑयल मिलेगा.

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