Friday, December 9, 2022
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Ban On Selling Golgappas In Mandla District Of Madhya Pradesh – Big News: मध्यप्रदेश के इस जिले में गोलगप्पे बेचने पर लगाया गया प्रतिबंध, हैरान कर देगा पूरा मामला


गोलगप्पे बेचने पर लगाया गया प्रतिबंध

गोलगप्पे बेचने पर लगाया गया प्रतिबंध
– फोटो : सोशल मीडिया

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अगर आप मध्यप्रदेश के हैं और आप सड़क किनारे लगे ठेलों में फुलकी खाने के शौकीन हैं तो आपके लिए काम की खबर है। दरअसल, मध्यप्रदेश के मंडला जिले में फुलकी यानी कि गोलगप्पे खाने से 100 से ज्यादा लोग बीमार हो गए। इसके बाद प्रशासन ने एहतियात बरतते हुए जिले में ठेलों पर फुलकी की बिक्री को प्रतिबंधित कर दिया है।

बता दें कि मंडला जिले के चिरईडोंगरी क्षेत्र के आधा दर्जन गांव में फुलकी खाने से शनिवार की शाम को कई लोग बीमार पड़ गए थे। उन्हें रविवार को जिला अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया था। फूड प्वाइजनिंग का शिकार हुई लोगों की संख्या 100 से ऊपर हो गई थी, इनमें बच्चे और गर्भवती महिलाएं भी शामिल थीं।

ऐसे में प्रशासन ने चाट और फुलकी की बिक्री के खिलाफ सख्त फैसला लिया है। अपर कलेक्टर मीना मसराम की ओर से जारी किए गए आदेश में कहा गया है, त्योहारों के अवसर पर हाट बाजारों में चाट फुलकी के ठेलों में खाद्य सामग्री पर साफ-सफाई का ध्यान नहीं दिया जाता, जिससे इसका सेवन करने से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ता है।

अस्पताल में चल रहा है इलाज
मंडला एवं चिरईडोंगरी में गोलगप्पे खाने से 80 व्यक्तियों को उल्टी शिकायत हुई थी, जिनका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। इस परिस्थिति और लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जिले में चाट फुलकी की लगने वाली दुकान तथा हाथ ठेलों को आगामी आदेश तक प्रतिबंधित किया जाता है। यह प्रतिबंध विक्रय की गई सामग्रियों की गुणवत्ता की जांच कार्रवाई पूरी होने तक जारी रहेगा।

विस्तार

अगर आप मध्यप्रदेश के हैं और आप सड़क किनारे लगे ठेलों में फुलकी खाने के शौकीन हैं तो आपके लिए काम की खबर है। दरअसल, मध्यप्रदेश के मंडला जिले में फुलकी यानी कि गोलगप्पे खाने से 100 से ज्यादा लोग बीमार हो गए। इसके बाद प्रशासन ने एहतियात बरतते हुए जिले में ठेलों पर फुलकी की बिक्री को प्रतिबंधित कर दिया है।

बता दें कि मंडला जिले के चिरईडोंगरी क्षेत्र के आधा दर्जन गांव में फुलकी खाने से शनिवार की शाम को कई लोग बीमार पड़ गए थे। उन्हें रविवार को जिला अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया था। फूड प्वाइजनिंग का शिकार हुई लोगों की संख्या 100 से ऊपर हो गई थी, इनमें बच्चे और गर्भवती महिलाएं भी शामिल थीं।

ऐसे में प्रशासन ने चाट और फुलकी की बिक्री के खिलाफ सख्त फैसला लिया है। अपर कलेक्टर मीना मसराम की ओर से जारी किए गए आदेश में कहा गया है, त्योहारों के अवसर पर हाट बाजारों में चाट फुलकी के ठेलों में खाद्य सामग्री पर साफ-सफाई का ध्यान नहीं दिया जाता, जिससे इसका सेवन करने से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ता है।

अस्पताल में चल रहा है इलाज

मंडला एवं चिरईडोंगरी में गोलगप्पे खाने से 80 व्यक्तियों को उल्टी शिकायत हुई थी, जिनका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। इस परिस्थिति और लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जिले में चाट फुलकी की लगने वाली दुकान तथा हाथ ठेलों को आगामी आदेश तक प्रतिबंधित किया जाता है। यह प्रतिबंध विक्रय की गई सामग्रियों की गुणवत्ता की जांच कार्रवाई पूरी होने तक जारी रहेगा।





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