Friday, December 9, 2022
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Changing Haryana: The Resolve To Change The System With Everyone Comes True – बदलता हरियाणा : सबके साथ से व्यवस्था परिवर्तन का संकल्प साकार, आज 8 साल पूरे कर रही है सरकार


सांकेतिक तस्वीर...

सांकेतिक तस्वीर…
– फोटो : फाइल फोटो

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संसदीय लोकतांत्रिक प्रणाली में सत्ता तो पांच साल बाद बदल जाती है। कई बार परिवर्तन उससे कम समय में होता है, पर ऐसे परिवर्तनों में अकसर चेहरे ही बदलते हैं, सत्ता की चाल या चरित्र नहीं, व्यवस्था भी नहीं बदल पाती। आम आदमी के जीवन में आमूलचूल परिवर्तन लाने वाली व्यवस्था का सपना सत्ता परिवर्तन के बावजूद साकार नहीं हो पाता। आज जब सरकार आठ साल पूरे कर रही है, तो हरियाणा के प्रथम सेवक के रूप में मुझे इस बात का संतोष है कि सबके साथ और विश्वास के बल पर व्यवस्था परिवर्तन के संकल्प का सफर सही दिशा में जारी है। 

वर्ष 2014 में सत्ता संभालने के बाद हम हरियाणा में चेहरा, चाल और चरित्र बदलते हुए व्यवस्था में कारगर बदलाव लाने में सफल हुए हैं। पूर्ववर्ती सरकारों की वोट बैंक केंद्रित सोच और कार्यशैली से हरियाणा अपनी गौरवशाली पृष्ठभूमि और देश की राजधानी दिल्ली के तीन ओर बसे होने की विशिष्ट भौगोलिक स्थिति के अनुरूप विकास नहीं कर पाया। प्रधानमंत्री मोदी के एक भारत, श्रेष्ठ भारत के नारे के अनुरूप ही हरियाणा में मेरी सरकार ने हरियाणा एक, हरियाणवी एक की सोच के साथ सेवा और समर्पण की भावना से व्यवस्था परिवर्तन की दिशा में काम शुरू किया। 

वर्ष 2014 में सरकार ने जिस व्यवस्था परिवर्तन के संकल्प का सफर शुरू किया था, आठ साल बाद उसका असर पूर्वाग्रह रहित व्यक्ति को साफ नजर आता है। कई योजनाआें की केंद्र सरकार ने प्रशंसा की है और अन्य राज्य अपने यहां लागू कर रहे हैं। हरियाणा की राजनीति पर अकसर परिवारवाद का कब्जा रहा, लेकिन मैंने पूरे हरियाणा को अपना परिवार मान कर सभी को समान नजर से देखा है। 

हरियाणा परिवारवाद, क्षेत्रवाद और भ्रष्टाचार के आरोपों से लंबे समय तक लज्जित रहा, लेकिन अपनी संकल्प शक्ति के बल पर मेरी सरकार उनसे मुक्ति दिलाने में सफल रही है। आम हरियाणवी अच्छी तरह जानता है कि पूर्ववर्ती सरकाराें में सरकारी भर्तियों से लेकर तबादलों तक की सूचियां कहां और कैसे बनती थीं। मुझे सबसे बड़ा संतोष यही है कि मेरी सरकार पर्चा-खर्ची की उस बदनाम व्यवस्था को समाप्त कर आम हरियाणवी के विश्वास और स्वाभिमान को बहाल करने में सफल रही है। 

दशकों तक जिन क्षेत्रों और परिवारों के लिए सरकारी नौकरी सपना बनी रही, उनके सपने पारदर्शी ढंग से साकार हुए। सरकार की ऑनलाइन ट्रांसफर नीति के अच्छे परिणाम सामने आये हैं। सरकारी दफ्तरों के कामकाज में भ्रष्टाचार पर अंकुश के लिए समयबद्ध ऑनलाइन सेवाओं के उत्साहवर्धक परिणाम मिल रहे हैं। क्षेत्रफल और जनसंख्या की दृष्टि से देश के सबसे छोटे राज्यों में शुमार हरियाणा का चहुंमुखी विकास और उपलब्धियां सरकार के प्रयासों को मिले आम हरियाणवी के साथ और विश्वास से ही संभव हो पाई हैं। मैं विश्वास दिलाता हूं कि आप सभी के साथ मिलकर व्यवस्था परिवर्तन के संकल्प का यह सफर जारी रहेगा।

योजनाओं के जरिये वंचित वर्गों व परिवारों के जीवन में खुशहाली
मेरी सरकार ने अंत्योदय,परिवार पहचान पत्र और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के माध्यम से समाज के वंचित वर्गों-परिवारों के जीवन परिवर्तन का बीड़ा भी उठाया है। योजनाओं की राशि में अपूर्व वृद्धि की गई है। कोरोना काल और उसके बाद भी हरियाणा में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए युद्ध स्तर पर काम जारी है। सबसे ज्यादा 14 फसलें एमएसपी पर खरीदने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य है।

अब 80 प्रतिशत गांव भी 24 घंटे जगमग रहते हैं। निजी क्षेत्र की नौकरियों में तो स्थानीय युवाओं के लिए 75 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की ही गयी है, खेल जगत में तो हरियाणा की सफलताएं चमत्कारिक हैं। पदक विजेता खिलाड़ियों को देश में सर्वाधिक पुरस्कार राशि हरियाणा में मिलती है, तो उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं की तैयारी के लिए अग्रिम राशि का भी प्रावधान है। 

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संसदीय लोकतांत्रिक प्रणाली में सत्ता तो पांच साल बाद बदल जाती है। कई बार परिवर्तन उससे कम समय में होता है, पर ऐसे परिवर्तनों में अकसर चेहरे ही बदलते हैं, सत्ता की चाल या चरित्र नहीं, व्यवस्था भी नहीं बदल पाती। आम आदमी के जीवन में आमूलचूल परिवर्तन लाने वाली व्यवस्था का सपना सत्ता परिवर्तन के बावजूद साकार नहीं हो पाता। आज जब सरकार आठ साल पूरे कर रही है, तो हरियाणा के प्रथम सेवक के रूप में मुझे इस बात का संतोष है कि सबके साथ और विश्वास के बल पर व्यवस्था परिवर्तन के संकल्प का सफर सही दिशा में जारी है। 

वर्ष 2014 में सत्ता संभालने के बाद हम हरियाणा में चेहरा, चाल और चरित्र बदलते हुए व्यवस्था में कारगर बदलाव लाने में सफल हुए हैं। पूर्ववर्ती सरकारों की वोट बैंक केंद्रित सोच और कार्यशैली से हरियाणा अपनी गौरवशाली पृष्ठभूमि और देश की राजधानी दिल्ली के तीन ओर बसे होने की विशिष्ट भौगोलिक स्थिति के अनुरूप विकास नहीं कर पाया। प्रधानमंत्री मोदी के एक भारत, श्रेष्ठ भारत के नारे के अनुरूप ही हरियाणा में मेरी सरकार ने हरियाणा एक, हरियाणवी एक की सोच के साथ सेवा और समर्पण की भावना से व्यवस्था परिवर्तन की दिशा में काम शुरू किया। 

वर्ष 2014 में सरकार ने जिस व्यवस्था परिवर्तन के संकल्प का सफर शुरू किया था, आठ साल बाद उसका असर पूर्वाग्रह रहित व्यक्ति को साफ नजर आता है। कई योजनाआें की केंद्र सरकार ने प्रशंसा की है और अन्य राज्य अपने यहां लागू कर रहे हैं। हरियाणा की राजनीति पर अकसर परिवारवाद का कब्जा रहा, लेकिन मैंने पूरे हरियाणा को अपना परिवार मान कर सभी को समान नजर से देखा है। 

हरियाणा परिवारवाद, क्षेत्रवाद और भ्रष्टाचार के आरोपों से लंबे समय तक लज्जित रहा, लेकिन अपनी संकल्प शक्ति के बल पर मेरी सरकार उनसे मुक्ति दिलाने में सफल रही है। आम हरियाणवी अच्छी तरह जानता है कि पूर्ववर्ती सरकाराें में सरकारी भर्तियों से लेकर तबादलों तक की सूचियां कहां और कैसे बनती थीं। मुझे सबसे बड़ा संतोष यही है कि मेरी सरकार पर्चा-खर्ची की उस बदनाम व्यवस्था को समाप्त कर आम हरियाणवी के विश्वास और स्वाभिमान को बहाल करने में सफल रही है। 

दशकों तक जिन क्षेत्रों और परिवारों के लिए सरकारी नौकरी सपना बनी रही, उनके सपने पारदर्शी ढंग से साकार हुए। सरकार की ऑनलाइन ट्रांसफर नीति के अच्छे परिणाम सामने आये हैं। सरकारी दफ्तरों के कामकाज में भ्रष्टाचार पर अंकुश के लिए समयबद्ध ऑनलाइन सेवाओं के उत्साहवर्धक परिणाम मिल रहे हैं। क्षेत्रफल और जनसंख्या की दृष्टि से देश के सबसे छोटे राज्यों में शुमार हरियाणा का चहुंमुखी विकास और उपलब्धियां सरकार के प्रयासों को मिले आम हरियाणवी के साथ और विश्वास से ही संभव हो पाई हैं। मैं विश्वास दिलाता हूं कि आप सभी के साथ मिलकर व्यवस्था परिवर्तन के संकल्प का यह सफर जारी रहेगा।

योजनाओं के जरिये वंचित वर्गों व परिवारों के जीवन में खुशहाली

मेरी सरकार ने अंत्योदय,परिवार पहचान पत्र और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के माध्यम से समाज के वंचित वर्गों-परिवारों के जीवन परिवर्तन का बीड़ा भी उठाया है। योजनाओं की राशि में अपूर्व वृद्धि की गई है। कोरोना काल और उसके बाद भी हरियाणा में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए युद्ध स्तर पर काम जारी है। सबसे ज्यादा 14 फसलें एमएसपी पर खरीदने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य है।

अब 80 प्रतिशत गांव भी 24 घंटे जगमग रहते हैं। निजी क्षेत्र की नौकरियों में तो स्थानीय युवाओं के लिए 75 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की ही गयी है, खेल जगत में तो हरियाणा की सफलताएं चमत्कारिक हैं। पदक विजेता खिलाड़ियों को देश में सर्वाधिक पुरस्कार राशि हरियाणा में मिलती है, तो उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं की तैयारी के लिए अग्रिम राशि का भी प्रावधान है। 





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