Sunday, October 2, 2022
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बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ युवाओ का प्रदर्शन शुरू। रास नही आ रही युवाओ को नीतीश सरकार।

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के बहुत से अध्यक्ष आए होंगे और गए होंगे लेकिन बिहार में धांधली का मुद्दा किसी भी परीक्षा से ना जुड़ा हो ऐसा तो हो नहीं सकता या आप ये भी कह सकते है कि इतने सालो से बिहार विद्यालय परीक्षा समिति यह तय ही नहीं कर पाई या करना नहीं चाहती कि धांधली पूर्ण रूप से बन्द हो।

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर का कहना है कि एसटीईटी की पुनर्परीक्षा के लिए समुचित व्यवस्था की गई है। पटना के अलावा भोजपुर, नालंदा, औरंगाबाद, गया, समस्तीपुर, दरभंगा, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, पूर्णिया एवं छपरा में केंद्र बनाए गए हैं। बोर्ड अध्यक्ष ने संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को सचेत किया कि पूर्व की परीक्षा से सबक लेने की जरूरत है।


बिहार में जो कदाचार किसी भी एग्जाम में होता है चाहे वो एग्जाम 10 वी या 12वी बोर्ड से जुड़ा हो या किसी सिविल सर्विस की परीक्षा से जुड़ा हो ऐसा जरूरी नहीं कि प्रत्येक विद्यार्थी द्वारा कदाचार होता हो । यह कदाचार उन विद्यार्थियों द्वारा हो सकता है जिनकी कोई पहुंच हो या कोई सिस्टम में ऐसा बैठा हो जो उन विद्यार्थियों कि मदद कर रहा हो। तो ऐसे में जरूरत यह बनती हैै की सिस्टम को संभाला जाए चुकीं विधार्थी तो प्रत्येक वर्ष नए आ जाते हैं। ये धांधली केवल एस टेट का ही एग्जाम में नहीं होते बल्कि बीपीएससी, बिहार पुलिस या दारोगा के एग्जाम में भी होते है, प्रत्येक वर्ष।

इसमें वो बच्चे पीस जाते है जो इमानदार होते है और पूरी निष्ठा से एग्जाम की तैयारी कर इमानदारी पूर्वक एग्जाम देते है। उनकी ना तो कोइ पहुंच होती है सिस्टम तक और ना उन्हे कोई मतलब होता है सिस्टम से और जब एग्जाम देने के बाद आंसर शीट आता है तो मैच कर के सुकून में बैठ जाते है कि अब हमारा रिजल्ट पॉजिटिव आएगा। एक तो बिहार में वर्षों बाद वैकेंसी आती है बच्चे किसी भी तरह यह मौका चूकना नहीं चाहते । ऐसे में सरकार को यह सोचना चाहिए कि बच्चे आखिर क्यों इतना विरोध कर रहे है पुलिस के मार डंडे सह रहे है आखिर उनके बात में कहीं तो सच्चाई होगी।

आपको बता दे की 9 से 21 सितंबर तक ऑनलाइन आयोजित की जाएगी एसटीईटी की पुनर्परीक्षा जो कि बेल्ट्रोन् के द्वारा लिया जाएगा ।


पिछले बार के भांति इस बार भी परीक्षार्थियों को चप्पल पहनकर ही परीक्षा परीक्षा केंद्रों में प्रवेश करना होगा और परीक्षा शुरू होने के आधा घंटे पहले परीक्षा केंद्रों में प्रवेश करना होगा। साथ ही इस बार भी एग्जाम में वीडियो रिकॉर्डिंग किया जाएगा। पटना, भोजपुर, नालंदा, औरंगाबाद, गया, समस्तीपुर, दरभंगा, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, पूर्णिया एवं छपरा में केंद्र बनाए गए ।

बिहार सरकार को अबतक यह तय कर लेना चाहिए कि आखिरकार बिहार के ही सभी एग्जाम में ही क्यों इतनी धांधली होती है और धांधली बिना किसी सिस्टम के मदद के संभव नहीं हो सकता इसलिए सरकार को अपने सिस्टम में बैठे करप्ट लोगो के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

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