Friday, December 9, 2022
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Cyclone Sitrang Can Wreak Havoc In West Bengal Special Arrangements In Seven Districts – Cyclone Sitrang: पश्चिम बंगाल में ‘सितरंग’ बरपा सकता है कहर, गहरे दबाव वाला क्षेत्र चक्रवात में बदला


चक्रवात तूफान

चक्रवात तूफान
– फोटो : सोशल मीडिया

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पश्चिम बंगाल में सितरंग का असर धीरे-धीरे देखने को मिल रहा है। रविवार को कोलकाता सहित कई जिलों में आसमान में बादल छाए रहे। पूर्व मेदिनीपुर में कई जगह हल्की बारिश भी हुई। सितरंग धीरे-धीरे चक्रवात का रूप धारण कर रहा है। यह बंगाल के तटीय इलाकों, खासकर सुंदरवन, में भारी तबाही बरपा सकता है। 

इसके साथ ही पूर्वोत्तर में असम सहित कई राज्यों में इसका असर देखने को मिल सकता है। इसके खतरे को देखते हुए पहले ही बंगाल हाई अलर्ट पर है। प्रदेश के सात जिलों में राहत और बचाव दलों को तैनात किया गया है।

मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, निम्न दबाव बंगाल की खाड़ी के मध्य में चक्रवात का रूप धारण करेगा और उसके बाद उत्तर-उत्तर पूर्व दिशा की तरफ बढ़ेगा। 25 अक्तूबर की सुबह तीनकोना द्वीप और सन द्वीप के बीच से होते हुए बांग्लादेश का रूख करेगा। बंगाल के तटवर्ती जिलों में यह कहर बरपा सकता है। वहां भारी बारिश और 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। कोलकाता और आसपास के जिलों में हल्की या मध्यम बारिश हो सकती है। राज्य के तटवर्ती इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। 

मौसम विभाग की जानकारी के मुताबिक, 24 और 25 को उत्तर व दक्षिण 24 परगना व पूर्व मेदिनीपुर जिलों में भारी बारिश हो सकती है। रविवार को भी पूर्व मेदिनीपुर में कई जगह बारिश हुई। 24 को दीपावली और कालीपूजा भी है। मछुआरों को समुद्र में जाने से पहले ही मना किया जा चुका है। चक्रवात की आशंका को देखते हुए कुछ सरकारी विभागों के कर्मचारियों की कालीपूजा व दीपावली की छुट्टियां भी रद की जा चुकी हैं।

बांग्लादेश की तरफ बढ़ा
बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरे दबाव का क्षेत्र रविवार शाम को चक्रवात में तब्दील हो गया। अब यह बांग्लादेश के तट की तरफ बढ़ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुताबिक, थाईलैंड ने इस चक्रवाल को ‘सितरंग’ नाम दिया है। चक्रवात मंगलवार सुबह बांग्लादेश में टिंकोना द्वीप और सैंडविप के बीच दस्तक दे सकता है।

ओडिशा-बंगाल में बारिश के आसार
विभाग ने बताया कि रविवार शाम साढ़े पांच बजे चक्रवात पश्चिम बंगाल के सागर द्वीप से 580 किलोमीटर दक्षिण और बांग्लादेश के बारीसाल से 740 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण पश्चिम में था। चक्रवात के प्रभाव से ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है।

विस्तार

पश्चिम बंगाल में सितरंग का असर धीरे-धीरे देखने को मिल रहा है। रविवार को कोलकाता सहित कई जिलों में आसमान में बादल छाए रहे। पूर्व मेदिनीपुर में कई जगह हल्की बारिश भी हुई। सितरंग धीरे-धीरे चक्रवात का रूप धारण कर रहा है। यह बंगाल के तटीय इलाकों, खासकर सुंदरवन, में भारी तबाही बरपा सकता है। 

इसके साथ ही पूर्वोत्तर में असम सहित कई राज्यों में इसका असर देखने को मिल सकता है। इसके खतरे को देखते हुए पहले ही बंगाल हाई अलर्ट पर है। प्रदेश के सात जिलों में राहत और बचाव दलों को तैनात किया गया है।

मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, निम्न दबाव बंगाल की खाड़ी के मध्य में चक्रवात का रूप धारण करेगा और उसके बाद उत्तर-उत्तर पूर्व दिशा की तरफ बढ़ेगा। 25 अक्तूबर की सुबह तीनकोना द्वीप और सन द्वीप के बीच से होते हुए बांग्लादेश का रूख करेगा। बंगाल के तटवर्ती जिलों में यह कहर बरपा सकता है। वहां भारी बारिश और 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। कोलकाता और आसपास के जिलों में हल्की या मध्यम बारिश हो सकती है। राज्य के तटवर्ती इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। 

मौसम विभाग की जानकारी के मुताबिक, 24 और 25 को उत्तर व दक्षिण 24 परगना व पूर्व मेदिनीपुर जिलों में भारी बारिश हो सकती है। रविवार को भी पूर्व मेदिनीपुर में कई जगह बारिश हुई। 24 को दीपावली और कालीपूजा भी है। मछुआरों को समुद्र में जाने से पहले ही मना किया जा चुका है। चक्रवात की आशंका को देखते हुए कुछ सरकारी विभागों के कर्मचारियों की कालीपूजा व दीपावली की छुट्टियां भी रद की जा चुकी हैं।

बांग्लादेश की तरफ बढ़ा

बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरे दबाव का क्षेत्र रविवार शाम को चक्रवात में तब्दील हो गया। अब यह बांग्लादेश के तट की तरफ बढ़ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुताबिक, थाईलैंड ने इस चक्रवाल को ‘सितरंग’ नाम दिया है। चक्रवात मंगलवार सुबह बांग्लादेश में टिंकोना द्वीप और सैंडविप के बीच दस्तक दे सकता है।

ओडिशा-बंगाल में बारिश के आसार

विभाग ने बताया कि रविवार शाम साढ़े पांच बजे चक्रवात पश्चिम बंगाल के सागर द्वीप से 580 किलोमीटर दक्षिण और बांग्लादेश के बारीसाल से 740 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण पश्चिम में था। चक्रवात के प्रभाव से ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है।





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