Thursday, February 9, 2023
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Gujarat Elections: Challenge Of Retaining Bjp Stronghold In Bhavnagar Aap, Congress Made Complicated Equation – Gujarat Elections: भावनगर में भगवा गढ़ बरकरार रखने की चुनौती, आप व कांग्रेस ने पेचीदा बनाया समीकरण


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।
– फोटो : ANI

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पहले चरण की जिन 19 जिलों की 89 सीटों पर एक दिसंबर को वोट डाले जाएंगे, उनमें सूरत और राजकोट के बाद सबसे ज्यादा विधानसभा सीटों वाला भावनगर है। सात विधानसभा सीटों वाला यह जिला भाजपा का गढ़ बना हुआ है। वर्ष 2012 और 2017 के चुनाव में यहां भाजपा ने छह-छह सीटें जीती थी। दोनों बार एक-एक सीट कांग्रेस के खाते में गई थी। इस बार कांग्रेस और आप की दोहरी चुनौती के बीच गढ़ को बचाने के लिए भाजपा ने सारे दांव चल दिए हैं। चुनाव की घोषणा के बाद पीएम नरेंद्र मोदी तीन बार भावनगर आ चुके हैं। दो सीटों के प्रत्याशी भी बदल दिए गए हैं।

पलिटाना में जहां मोदी ने पहले चरण का चुनाव प्रचार खत्म होने से एक दिन पहले सोमवार को चुनावी जनसभा कर कांग्रेस को घेरा था, वहां की राधाबेन बताती हैं, यहां चुनाव ठीक चल रहा है। मोदी भाई का भावनगर से खास जुड़ाव है। वह प्रचार अभियान के प्रारंभ से अब तक तीन बार इस जिले में आ चुके हैं। चुनाव घोषणा के तत्काल बाद वह भावनगर में एक सामूहिक विवाह कार्यक्रम (पापा की परी) में शामिल होने आए थे। उस कार्यक्रम में ऐसी तमाम बेटियों का विवाह हुआ था जिनके पिता नहीं हैं।

इतने बड़े पद पर होकर कोई अपना मानकर ही समय निकालता है। इसके बाद 23 नवंबर और 28 नवंबर (बीते सोमवार) को चुनाव प्रचार के लिए आए, तो सभी को वोट देने की अपील कर गए हैं। भावनगर कस्बे के कॉलेज स्टूडेंट अतीश कहते हैं कि, मोदी जी ने यह सही कहा है कि जब कांग्रेस राज था, तब गुजरात में बम विस्फोट बहुत आम थे। अब लोग सुरक्षित महसूस करते हैं। यह बहुत बड़ी बात है और लोगों के दिमाग में भी है। वह कहते हैं कि मोदी पर गुजरातियों को गर्व है। लेकिन, गुजरात में भाजपा कोई ऐसा पक्का नेता नहीं बनाती जो खुलकर कुछ कर पाए। बार-बार मुख्यमंत्री बदल देते हैं। मोदी के पीएम बनने के बाद तीन सीएम बनाए जा चुके हैं। ऐन चुनाव के वक्त दूसरे दल से लोगों को लाकर टिकट दे देते हैं, सालों से कार्यकर्ता बनकर काम करने वाले मुंह ताकते रह जाते हैं। यह अच्छा नहीं है। इस बार मोदी जी के नाम पर भले आ जाएं, ऐसे रहा तो आगे मुश्किल हो जाएगी। 

भावनगर पूरब में मिले इलियास अली कहते हैं, कि हम दो चुनाव से भाजपा को वोट दे रहे हैं। विकास के काम खूब हुए हैं। बड़ी-बड़ी सड़कें, फ्लाईओवर बने हैं। लेकिन, लोग महंगाई से बहुत परेशान हैं। चाहे जितना कमाइये, बचत नहीं हो पाती है। महंगी पढ़ाई और इलाज घर-घर का दर्द है। वह कहते हैं कि कांग्रेस यहां पहले से कमजोर हैं। जीतेंगे तो किसे सीएम बनाएंगे, यह भी नहीं बताया। दूसरी ओर आप ने महंगाई का मुद्दा उठाकर और उसे हल करने की बात कर हलचल मचा रखी है। उनका मुख्यमंत्री चेहरा भी है। गरीब और मुसलमान आप की बात को बहुत अच्छे से सुन रहा है, देखिए क्या होता है?

जिले की हॉट सीट भावनगर पश्चिम
यह सीट इसलिए सबसे ज्यादा चर्चा के केंद्र में क्योंकि राज्य के शिक्षा मंत्री जीतूभाई वघाणी यहां से लगातार दूसरी बार विधायक हैं। वह पाटीदार समाज से आते हैं। आप ने सामाजिक समीकरण देखते हुए सर्वाधिक संख्या वाले कोली समाज से राजू सोलंकी को मैदान में उतारा हैं। कोली समाज के बाद यहां क्षत्रिय समाज की संख्या बताई जाती है। कांग्रेस ने केके गोहिल को मैदान में उतारा है। यहां त्रिकोणीय लड़ाई के आसार बनते जा रहे हैं। शिक्षामंत्री को हैट्रिक के लिए खासा मशक्कत करनी पड़ रही है।

सौराष्ट्र का रण
भावनगर में सात सीटें हैं। महुवा, लाजा, गरियाधर, पालीताणा,  भावनगर ग्रामीण, भावनगर पूर्व और भावनगर पश्चिम।

सोशल मीडिया पर भाजपा-आप में टक्कर, कांग्रेस नदारद
गुजरात में चुनाव प्रचार का शोर थम चुका है। अब मतदाताओं की बारी है कि वे मतदान के जरिये बताएंगे कि उन्हें किसके दावे भाये और किसे देख उकताए। बहरहाल, चुनाव प्रचार के आखिरी सप्ताह (21 से 27 नवंबर) के दौरान सोशल मीडिया पर आप, भाजपा और कांग्रेस के प्रचार अभियानों पर नजर डालें तो आप सबसे ज्यादा ताकत झोंकते दिखी, वहीं भाजपा स्थिरता के साथ लगातार प्रचार में जुटी रही है। जबकि, कांग्रेस जमीन की तरह ही सोशल मीडिया पर भी नदारद ही रही। कांग्रेस ने गुजरात चुनाव से संबंधित महज 15% ट्वीट किए। इस दौरान भाजपा के करीब 40% ट्वीट गुजरात चुनाव पर केंद्रित थे, जबकि आप ने सबसे ज्यादा 50% ट्वीट गुजरात चुनाव को ध्यान में रखकर किए।

कांग्रेस का राहुल पर ध्यान 
पार्टी का ध्यान गुजरात चुनाव से ज्यादा भारत जोड़ो यात्रा पर है। 21 से 27 नवंबर के बीच कांग्रेस ने 75% से ज्यादा पोस्ट यात्रा के संबंध में किए। इन सात दिनों में कांग्रेस ने 280 ट्वीट किए, जिनमें से महज 42 का संबंध गुजरात चुनाव से था। फेसबुक पर 242 पोस्ट किए, जिनमें से 53 गुजरात चुनाव पर थे। कांग्रेस पार्टी के ट्विटर हैंडल पर 90 लाख और फेसबुक पेज के 63 लाख फॉलोअर हैं।

भाजपा के प्रचार में दिखी स्थिरता
सोशल मीडिया पर भाजपा के प्रचार में स्थिरता नजर आई। सात दिनांे के बीच पार्टी ने करीब 41% ट्वीट आैर 35% से ज्यादा फेसबुक पोस्ट गुजरात चुनाव को लेकर किए। भाजपा के ट्विटर पर 1.95 करोड़ और फेसबुक पर 1.60 करोड़ फॉलोअर हैं।

आखिरी सप्ताह आप ने झोंकी ताकत
आप ने सात दिनों में 50% ट्वीट और 52% फेसबुक पोस्ट गुजरात चुनाव से संबंधित किए। 260 ट्वीट किए, जिनमें से 131 गुजरात से संबंधित थे। वहीं फेसबुक पर 156 से 81 पोस्ट गुजरात चुनाव पर किए गए। आप के ट्विटर पर 64 लाख और फेसबुक पर 55 लाख फॉलोअर हैं। 

कांग्रेस शासन में हर दिन होते थे आतंकी हमले : सीएम योगी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को गोधरा में भाजपा के उम्मीदवार चंद्र सिंह राउल के समर्थन में भव्य रोड शो किया। इस दौरान, उन्होंने राज्य की विपक्षी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा, कांग्रेस के शासन के दौरान हर दिन आतंकवादी हमले होते थे। गोधरा में 20 साल पहले राम भक्तों की बलि दी गई थी, लेकिन आज गुजरात में हर कोई सुरक्षित है।   यह परिवर्तन की भूमि है। इसलिए यहां भाजपा की जीत पर्याप्त नहीं है, बल्कि अविस्मरणीय होनी चाहिए। 

विस्तार

पहले चरण की जिन 19 जिलों की 89 सीटों पर एक दिसंबर को वोट डाले जाएंगे, उनमें सूरत और राजकोट के बाद सबसे ज्यादा विधानसभा सीटों वाला भावनगर है। सात विधानसभा सीटों वाला यह जिला भाजपा का गढ़ बना हुआ है। वर्ष 2012 और 2017 के चुनाव में यहां भाजपा ने छह-छह सीटें जीती थी। दोनों बार एक-एक सीट कांग्रेस के खाते में गई थी। इस बार कांग्रेस और आप की दोहरी चुनौती के बीच गढ़ को बचाने के लिए भाजपा ने सारे दांव चल दिए हैं। चुनाव की घोषणा के बाद पीएम नरेंद्र मोदी तीन बार भावनगर आ चुके हैं। दो सीटों के प्रत्याशी भी बदल दिए गए हैं।

पलिटाना में जहां मोदी ने पहले चरण का चुनाव प्रचार खत्म होने से एक दिन पहले सोमवार को चुनावी जनसभा कर कांग्रेस को घेरा था, वहां की राधाबेन बताती हैं, यहां चुनाव ठीक चल रहा है। मोदी भाई का भावनगर से खास जुड़ाव है। वह प्रचार अभियान के प्रारंभ से अब तक तीन बार इस जिले में आ चुके हैं। चुनाव घोषणा के तत्काल बाद वह भावनगर में एक सामूहिक विवाह कार्यक्रम (पापा की परी) में शामिल होने आए थे। उस कार्यक्रम में ऐसी तमाम बेटियों का विवाह हुआ था जिनके पिता नहीं हैं।

इतने बड़े पद पर होकर कोई अपना मानकर ही समय निकालता है। इसके बाद 23 नवंबर और 28 नवंबर (बीते सोमवार) को चुनाव प्रचार के लिए आए, तो सभी को वोट देने की अपील कर गए हैं। भावनगर कस्बे के कॉलेज स्टूडेंट अतीश कहते हैं कि, मोदी जी ने यह सही कहा है कि जब कांग्रेस राज था, तब गुजरात में बम विस्फोट बहुत आम थे। अब लोग सुरक्षित महसूस करते हैं। यह बहुत बड़ी बात है और लोगों के दिमाग में भी है। वह कहते हैं कि मोदी पर गुजरातियों को गर्व है। लेकिन, गुजरात में भाजपा कोई ऐसा पक्का नेता नहीं बनाती जो खुलकर कुछ कर पाए। बार-बार मुख्यमंत्री बदल देते हैं। मोदी के पीएम बनने के बाद तीन सीएम बनाए जा चुके हैं। ऐन चुनाव के वक्त दूसरे दल से लोगों को लाकर टिकट दे देते हैं, सालों से कार्यकर्ता बनकर काम करने वाले मुंह ताकते रह जाते हैं। यह अच्छा नहीं है। इस बार मोदी जी के नाम पर भले आ जाएं, ऐसे रहा तो आगे मुश्किल हो जाएगी। 

भावनगर पूरब में मिले इलियास अली कहते हैं, कि हम दो चुनाव से भाजपा को वोट दे रहे हैं। विकास के काम खूब हुए हैं। बड़ी-बड़ी सड़कें, फ्लाईओवर बने हैं। लेकिन, लोग महंगाई से बहुत परेशान हैं। चाहे जितना कमाइये, बचत नहीं हो पाती है। महंगी पढ़ाई और इलाज घर-घर का दर्द है। वह कहते हैं कि कांग्रेस यहां पहले से कमजोर हैं। जीतेंगे तो किसे सीएम बनाएंगे, यह भी नहीं बताया। दूसरी ओर आप ने महंगाई का मुद्दा उठाकर और उसे हल करने की बात कर हलचल मचा रखी है। उनका मुख्यमंत्री चेहरा भी है। गरीब और मुसलमान आप की बात को बहुत अच्छे से सुन रहा है, देखिए क्या होता है?

जिले की हॉट सीट भावनगर पश्चिम

यह सीट इसलिए सबसे ज्यादा चर्चा के केंद्र में क्योंकि राज्य के शिक्षा मंत्री जीतूभाई वघाणी यहां से लगातार दूसरी बार विधायक हैं। वह पाटीदार समाज से आते हैं। आप ने सामाजिक समीकरण देखते हुए सर्वाधिक संख्या वाले कोली समाज से राजू सोलंकी को मैदान में उतारा हैं। कोली समाज के बाद यहां क्षत्रिय समाज की संख्या बताई जाती है। कांग्रेस ने केके गोहिल को मैदान में उतारा है। यहां त्रिकोणीय लड़ाई के आसार बनते जा रहे हैं। शिक्षामंत्री को हैट्रिक के लिए खासा मशक्कत करनी पड़ रही है।

सौराष्ट्र का रण

भावनगर में सात सीटें हैं। महुवा, लाजा, गरियाधर, पालीताणा,  भावनगर ग्रामीण, भावनगर पूर्व और भावनगर पश्चिम।

सोशल मीडिया पर भाजपा-आप में टक्कर, कांग्रेस नदारद

गुजरात में चुनाव प्रचार का शोर थम चुका है। अब मतदाताओं की बारी है कि वे मतदान के जरिये बताएंगे कि उन्हें किसके दावे भाये और किसे देख उकताए। बहरहाल, चुनाव प्रचार के आखिरी सप्ताह (21 से 27 नवंबर) के दौरान सोशल मीडिया पर आप, भाजपा और कांग्रेस के प्रचार अभियानों पर नजर डालें तो आप सबसे ज्यादा ताकत झोंकते दिखी, वहीं भाजपा स्थिरता के साथ लगातार प्रचार में जुटी रही है। जबकि, कांग्रेस जमीन की तरह ही सोशल मीडिया पर भी नदारद ही रही। कांग्रेस ने गुजरात चुनाव से संबंधित महज 15% ट्वीट किए। इस दौरान भाजपा के करीब 40% ट्वीट गुजरात चुनाव पर केंद्रित थे, जबकि आप ने सबसे ज्यादा 50% ट्वीट गुजरात चुनाव को ध्यान में रखकर किए।

कांग्रेस का राहुल पर ध्यान 

पार्टी का ध्यान गुजरात चुनाव से ज्यादा भारत जोड़ो यात्रा पर है। 21 से 27 नवंबर के बीच कांग्रेस ने 75% से ज्यादा पोस्ट यात्रा के संबंध में किए। इन सात दिनों में कांग्रेस ने 280 ट्वीट किए, जिनमें से महज 42 का संबंध गुजरात चुनाव से था। फेसबुक पर 242 पोस्ट किए, जिनमें से 53 गुजरात चुनाव पर थे। कांग्रेस पार्टी के ट्विटर हैंडल पर 90 लाख और फेसबुक पेज के 63 लाख फॉलोअर हैं।

भाजपा के प्रचार में दिखी स्थिरता

सोशल मीडिया पर भाजपा के प्रचार में स्थिरता नजर आई। सात दिनांे के बीच पार्टी ने करीब 41% ट्वीट आैर 35% से ज्यादा फेसबुक पोस्ट गुजरात चुनाव को लेकर किए। भाजपा के ट्विटर पर 1.95 करोड़ और फेसबुक पर 1.60 करोड़ फॉलोअर हैं।

आखिरी सप्ताह आप ने झोंकी ताकत

आप ने सात दिनों में 50% ट्वीट और 52% फेसबुक पोस्ट गुजरात चुनाव से संबंधित किए। 260 ट्वीट किए, जिनमें से 131 गुजरात से संबंधित थे। वहीं फेसबुक पर 156 से 81 पोस्ट गुजरात चुनाव पर किए गए। आप के ट्विटर पर 64 लाख और फेसबुक पर 55 लाख फॉलोअर हैं। 

कांग्रेस शासन में हर दिन होते थे आतंकी हमले : सीएम योगी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को गोधरा में भाजपा के उम्मीदवार चंद्र सिंह राउल के समर्थन में भव्य रोड शो किया। इस दौरान, उन्होंने राज्य की विपक्षी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा, कांग्रेस के शासन के दौरान हर दिन आतंकवादी हमले होते थे। गोधरा में 20 साल पहले राम भक्तों की बलि दी गई थी, लेकिन आज गुजरात में हर कोई सुरक्षित है।   यह परिवर्तन की भूमि है। इसलिए यहां भाजपा की जीत पर्याप्त नहीं है, बल्कि अविस्मरणीय होनी चाहिए। 





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