Tuesday, January 31, 2023
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Haryana Imposes Esma Due To Employee Strike – Haryana: 23 अक्तूबर तक हड़ताल पर 40 हजार कर्मचारी, कामकाज पर बुरा असर, सरकार ने एस्मा लागू किया


सांकेतिक तस्वीर।

सांकेतिक तस्वीर।
– फोटो : Amar Ujala Digital

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हरियाणा में नगर पालिका और अग्निशमन विभाग के 40 हजार कर्मचारी हड़ताल पर हैं। दिवाली के मौके पर शहरों में गंदगी से बुरा हाल है। त्योहारी सीजन और बिगड़ते हालात को देखते हुए हरियाणा सरकार ने अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों के लिए एस्मा (आवश्यक सेवा संरक्षण कानून) लागू कर दिया है। यह एक्ट लागू होने के बाद अगर कोई कर्मचारी हड़ताल पर जाता है तो उसे नौकरी से बर्खास्त भी किया जा सकता है।

16 सूत्रीय मांगें न माने जाने के कारण कर्मचारियों ने 23 अक्तूबर तक हड़ताल बढ़ाने का फैसला लिया है। उनका कहना है कि पहले ही दिन शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने कर्मचारी संघ नेताओं के साथ बैठक की थी। बैठक में कोई सहमति नहीं बन सकी। शहरों में सफाई नहीं होने से हालात बिगड़ रहे हैं। 

कर्मचारी अपनी मांगें मनमाने के लिए अड़े हुए हैं और सरकार ने साफ कर दिया है कि उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जा सकता है। इससे नाराज कर्मचारियों ने हड़ताल बढ़ा दी है। उधर, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं हरियाणा के निदेशक ने प्रदेशभर में अग्निशमन कर्मचारियों पर एस्मा लागू कर दिया है। 

सभी डीसी और संबंधित अधिकारियों को पत्र भेज दिया गया है। पत्र में कहा गया है कि अगर कोई कर्मचारी हड़ताल में शामिल होता है तो उस पर एस्मा के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाए। सभी अग्निशमन कर्मचारियों व अधिकारियों की छुट्टी मंजूर न की जाए और जो छुट्टी पर उनका अवकाश रद्द किया जाए। एस्मा लागू करने के बाद कर्मचारियों ने सभी जिलों में एस्मा एक्ट लागू करने की प्रतियां जलाकर रोष जाहिर किया। 

जा सकती है नौकरी
एस्मा एक्ट लागू होने के बाद अगर कोई कर्मचारी हड़ताल पर जाता है तो उसके खिलाफ कार्य में बाधा डालने का केस दर्ज हो सकता है। इसके तहत तीन साल तक की सजा का प्रावधान है। इसके अलावा, निलंबित से लेकर नौकरी से बर्खास्तगी का भी प्रावधान है। यह एक्ट आपातकालीन सेवाओं से जुड़े विभागों से संबंधित कर्मचारियों व कर्मचारियों पर लगाया जाता है। 

ये हैं मांगे 
कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, ठेकेदारी प्रथा को समाप्त करने, हरियाणा कौशल रोजगार निगम से पालिका परिषद निगमों व अग्निशमन के कर्मचारियों को बाहर करने, जोखिम भत्ता चार हजार देने, कोविड-19 से मृत कर्मचारियों के आश्रितों को 50 -50 लाख रुपए देने और परिवार के एक सदस्य को पक्की नौकरी देने की मांग हैं। साथ ही नियमित भर्ती करने, नए पद सृजित करने, पुरानी पेंशन बहाल करने, फायर के 1366 कर्मचारियों को  सृजित पदों पर समायोजित कर पक्का करने, हरियाणा छंटनी ग्रस्त कर्मचारियों को ड्यूटी पर लेने, कर्मचारियों के रुके हुए वेतन की अदायगी करने, अनुग्रह पूर्वक रोजगार योजना में लगाई गई शर्तों को हटाकर नियमित कर्मचारी की जॉइनिंग के एक दिन बाद सेवानिवृत्ति से एक दिन पहले मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को नियमित नौकरी देने और तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को आसान किस्तों पर 100-100 वर्ग गज के प्लाट देने समेत कुल 16 मांगें हैं। 
 

विस्तार

हरियाणा में नगर पालिका और अग्निशमन विभाग के 40 हजार कर्मचारी हड़ताल पर हैं। दिवाली के मौके पर शहरों में गंदगी से बुरा हाल है। त्योहारी सीजन और बिगड़ते हालात को देखते हुए हरियाणा सरकार ने अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों के लिए एस्मा (आवश्यक सेवा संरक्षण कानून) लागू कर दिया है। यह एक्ट लागू होने के बाद अगर कोई कर्मचारी हड़ताल पर जाता है तो उसे नौकरी से बर्खास्त भी किया जा सकता है।

16 सूत्रीय मांगें न माने जाने के कारण कर्मचारियों ने 23 अक्तूबर तक हड़ताल बढ़ाने का फैसला लिया है। उनका कहना है कि पहले ही दिन शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने कर्मचारी संघ नेताओं के साथ बैठक की थी। बैठक में कोई सहमति नहीं बन सकी। शहरों में सफाई नहीं होने से हालात बिगड़ रहे हैं। 

कर्मचारी अपनी मांगें मनमाने के लिए अड़े हुए हैं और सरकार ने साफ कर दिया है कि उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जा सकता है। इससे नाराज कर्मचारियों ने हड़ताल बढ़ा दी है। उधर, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं हरियाणा के निदेशक ने प्रदेशभर में अग्निशमन कर्मचारियों पर एस्मा लागू कर दिया है। 

सभी डीसी और संबंधित अधिकारियों को पत्र भेज दिया गया है। पत्र में कहा गया है कि अगर कोई कर्मचारी हड़ताल में शामिल होता है तो उस पर एस्मा के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाए। सभी अग्निशमन कर्मचारियों व अधिकारियों की छुट्टी मंजूर न की जाए और जो छुट्टी पर उनका अवकाश रद्द किया जाए। एस्मा लागू करने के बाद कर्मचारियों ने सभी जिलों में एस्मा एक्ट लागू करने की प्रतियां जलाकर रोष जाहिर किया। 

जा सकती है नौकरी

एस्मा एक्ट लागू होने के बाद अगर कोई कर्मचारी हड़ताल पर जाता है तो उसके खिलाफ कार्य में बाधा डालने का केस दर्ज हो सकता है। इसके तहत तीन साल तक की सजा का प्रावधान है। इसके अलावा, निलंबित से लेकर नौकरी से बर्खास्तगी का भी प्रावधान है। यह एक्ट आपातकालीन सेवाओं से जुड़े विभागों से संबंधित कर्मचारियों व कर्मचारियों पर लगाया जाता है। 

ये हैं मांगे 

कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, ठेकेदारी प्रथा को समाप्त करने, हरियाणा कौशल रोजगार निगम से पालिका परिषद निगमों व अग्निशमन के कर्मचारियों को बाहर करने, जोखिम भत्ता चार हजार देने, कोविड-19 से मृत कर्मचारियों के आश्रितों को 50 -50 लाख रुपए देने और परिवार के एक सदस्य को पक्की नौकरी देने की मांग हैं। साथ ही नियमित भर्ती करने, नए पद सृजित करने, पुरानी पेंशन बहाल करने, फायर के 1366 कर्मचारियों को  सृजित पदों पर समायोजित कर पक्का करने, हरियाणा छंटनी ग्रस्त कर्मचारियों को ड्यूटी पर लेने, कर्मचारियों के रुके हुए वेतन की अदायगी करने, अनुग्रह पूर्वक रोजगार योजना में लगाई गई शर्तों को हटाकर नियमित कर्मचारी की जॉइनिंग के एक दिन बाद सेवानिवृत्ति से एक दिन पहले मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को नियमित नौकरी देने और तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को आसान किस्तों पर 100-100 वर्ग गज के प्लाट देने समेत कुल 16 मांगें हैं। 

 

हम आगजनी होने पर जनता के माल और जान का नुकसान नहीं होने देंगे हम फायर कॉल पर जाएंगे। इसी प्रकार से जल सेवा को भी सुचारू रूप से चालू रखेंगे लेकिन उसके बाद भी सरकार एस्मा जैसे कानून का डर दिखाकर भड़काने का काम कर रही है। यह आंदोलन समाज में सबसे दबे कुचले सफाई करने वाले कर्मचारियों का है। हम आंदोलन को शांतिपूर्ण ढंग से चलाएंगे और जब तक आंदोलन जारी रखेंगे जब तक सरकार हमारी मांगों का समाधान नहीं करेंगी। नरेश कुमार शास्त्री, राज्य प्रधान, नगर पालिका कर्मचारी संघ। 





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