Thursday, February 9, 2023
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Imran Khan Party Pti Leads In Pakistan Bye Elections – Pakistan Election: उपचुनाव में इमरान की पार्टी की बड़ी जीत, पूर्व पीएम ने पांच सीटों पर जीत हासिल की


इमरान खान

इमरान खान
– फोटो : पीटीआई

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पाकिस्तान में हो रहे उपचुनाव पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के लिए खुशखबरी लेकर आए हैं। इमरान  नेतृत्व वाली पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने उपचुनावों में छह नेशनल असेंबली और दो पंजाब विधानसभा सीटें जीतीं। माना जा रहा है इन उपचुनावों से आगे होने वाले आम चुनावों का रास्ता साफ होगा। असल मायनों में यह प्रमुख राजनीतिक दलों की परीक्षा थी।

इमरान ने पांच सीटों पर जीत हासिल की 
देश में पहली बार इमरान सात सीटों से खुद लड़ रहे थे। पीटीआई ने आठ में से छह नेशनल असेंबली सीटों पर जीत हासिल की। पीटीआई प्रमुख ने सत्तारूढ़ गठबंधन के उम्मीदवारों को हराकर पेशावर, मर्दन, चारसद्दा, फैसलाबाद और ननकाना साहिब में सीटें जीतीं। हालांकि, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी मुल्तान में एक महत्वपूर्ण नेशनल असेंबली सीट हार गई, जहां पूर्व प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी के बेटे अली मूसा गिलानी ने पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी की बेटी मेहर बानो कुरैशी को हराया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीटीआई ने मर्दन नेशनल असेंबली सीट और खानेवाल प्रांतीय विधानसभा सीट से भी जीत हासिल की है। नतीजों के मुताबिक सत्तारूढ़ पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज ने भी एक प्रांतीय विधानसभा सीट जीती, लेकिन वह अन्य सीटों पर पीटीआई से पीछे चल रही थी। आठ नेशनल असेंबली सीटों और तीन प्रांतीय विधानसभा सीटों सहित कुल 11 सीटों पर चुनाव हुआ था।

101 उम्मीदवार इस चुनाव लड़ रहे
पाकिस्तान के चुनाव आयोग के आंकड़ों से पता चला है कि विभिन्न राजनीतिक दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों के कुल 101 उम्मीदवार इस चुनाव में हिस्सा लिया, जिसमें पंजाब में 52, सिंध में 33 और खैबर पख्तूनख्वा में 16 शामिल हैं। पंजाब में 1,434, खैबर पख्तूनख्वा में 979 और सिंध में 340 मतदान केंद्र बनाए गए।

हिंसा की छिटपुट घटनाएं सामने आई
खबरों के मुताबिक मतदान के दिन कई स्थानों पर हिंसा की छिटपुट घटनाएं सामने आई हैं लेकिन कुल मिलाकर मतदान प्रक्रिया सुचारू और शांतिपूर्ण रही। वहीं शुरुआत रविवार को हुआ था, चूंकि छुट्टी का दिन था तो मतदाता बाहर धीरे-धीरे निकल रहे थे, हालांकि दोपहर होते-होते मतदान प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली। अधिकारियों द्वारा शांति बनाए रखने के लिए कड़े सुरक्षा उपाय किए गए थे और संवेदनशील मतदान केंद्रों पर पुलिस और अर्धसैनिक रेंजर्स और फ्रंटियर कोर के अलावा नियमित सैनिकों को भी तैनात किया गया था।

विस्तार

पाकिस्तान में हो रहे उपचुनाव पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के लिए खुशखबरी लेकर आए हैं। इमरान  नेतृत्व वाली पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने उपचुनावों में छह नेशनल असेंबली और दो पंजाब विधानसभा सीटें जीतीं। माना जा रहा है इन उपचुनावों से आगे होने वाले आम चुनावों का रास्ता साफ होगा। असल मायनों में यह प्रमुख राजनीतिक दलों की परीक्षा थी।

इमरान ने पांच सीटों पर जीत हासिल की 

देश में पहली बार इमरान सात सीटों से खुद लड़ रहे थे। पीटीआई ने आठ में से छह नेशनल असेंबली सीटों पर जीत हासिल की। पीटीआई प्रमुख ने सत्तारूढ़ गठबंधन के उम्मीदवारों को हराकर पेशावर, मर्दन, चारसद्दा, फैसलाबाद और ननकाना साहिब में सीटें जीतीं। हालांकि, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी मुल्तान में एक महत्वपूर्ण नेशनल असेंबली सीट हार गई, जहां पूर्व प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी के बेटे अली मूसा गिलानी ने पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी की बेटी मेहर बानो कुरैशी को हराया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीटीआई ने मर्दन नेशनल असेंबली सीट और खानेवाल प्रांतीय विधानसभा सीट से भी जीत हासिल की है। नतीजों के मुताबिक सत्तारूढ़ पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज ने भी एक प्रांतीय विधानसभा सीट जीती, लेकिन वह अन्य सीटों पर पीटीआई से पीछे चल रही थी। आठ नेशनल असेंबली सीटों और तीन प्रांतीय विधानसभा सीटों सहित कुल 11 सीटों पर चुनाव हुआ था।

101 उम्मीदवार इस चुनाव लड़ रहे

पाकिस्तान के चुनाव आयोग के आंकड़ों से पता चला है कि विभिन्न राजनीतिक दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों के कुल 101 उम्मीदवार इस चुनाव में हिस्सा लिया, जिसमें पंजाब में 52, सिंध में 33 और खैबर पख्तूनख्वा में 16 शामिल हैं। पंजाब में 1,434, खैबर पख्तूनख्वा में 979 और सिंध में 340 मतदान केंद्र बनाए गए।

हिंसा की छिटपुट घटनाएं सामने आई

खबरों के मुताबिक मतदान के दिन कई स्थानों पर हिंसा की छिटपुट घटनाएं सामने आई हैं लेकिन कुल मिलाकर मतदान प्रक्रिया सुचारू और शांतिपूर्ण रही। वहीं शुरुआत रविवार को हुआ था, चूंकि छुट्टी का दिन था तो मतदाता बाहर धीरे-धीरे निकल रहे थे, हालांकि दोपहर होते-होते मतदान प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली। अधिकारियों द्वारा शांति बनाए रखने के लिए कड़े सुरक्षा उपाय किए गए थे और संवेदनशील मतदान केंद्रों पर पुलिस और अर्धसैनिक रेंजर्स और फ्रंटियर कोर के अलावा नियमित सैनिकों को भी तैनात किया गया था।





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