Sunday, February 5, 2023
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India Made Destroyer Ins Mormugao To Be Commissioned Into Indian Navy On 18 Dec At Mumbai – Ins Mormugao: भारतीय नौसेना में आज शामिल होगा विध्वंसक युद्धपोत मोरमुगाओ, हिंद महासागर में बढ़ेगी देश की ताकत


INS Mormugao

INS Mormugao
– फोटो : ANI

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 18 दिसंबर को स्वदेश निर्मित P15B स्टील्थ गाइडेड मिसाइल विध्वंसक युद्धपोत ‘मोरमुगाओ’ को भारतीय नौसेना को समर्पित करेंगे। नौसेना डॉकयार्ड, मुंबई में इसे नौसेना में शामिल किया जाएगा। इससे भारतीय नौसेना की हिंद महासागर में पहुंच बढ़ेगी तथा देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा और चाकचौबंद होगी। रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी।

इस विध्वंसक युद्धपोत को भारतीय नौसेना के ‘वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो’ ने डिजाइन किया है और इसका निर्माण मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड, मुंबई द्वारा किया गया है। आईएनएस मोरमुगाओ का नाम पश्चिमी तट पर गोवा के ऐतिहासिक बंदरगाह शहर के नाम पर रखा गया है। आईएनएम मोरमुगाओ ने पिछले साल 19 दिसंबर को पहली बार समुद्र में उतरा था, इसी दिन गोवा में पुर्तगाली शासन से मुक्ति पाने के 60 साल पूरे हुए थे।

भारत में निर्मित शक्तिशाली युद्धपोतों में से एक आईएनएस मोरमुगाओ की लंबाई 163 मीटर और चौड़ाई 17 मीटर है और इसका वजन 7,400 टन है। जहाज चार शक्तिशाली गैस टर्बाइन से लैस है और 30 समुद्री मील से अधिक की गति से चल सकती है।

आईएनएस मोरमुगाओ की खूबियां 
आईएनएस मोरमुगाओ ब्रह्मोस और बराक-8 जैसी मिसाइलों से लैस है। इसमें इस्राइल का रडार एमएफ-स्टार लगा है, जो हवा में लंबी दूरी के लक्ष्य का पता लगा सकता है। 127 मिलीमीटर गन से लैस आईएनएस मोरमुगाओ 300 किलोमीटर दूर से लक्ष्य को भेदने में सक्षम है। इस पर एके-630 एंटी मिसाइल गन सिस्टम लगा है। साथ ही यह एंटी सबमरीन रॉकेट लांचर से भी लैस है।

आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत बनाया गया स्वदेशी युद्धपोत
‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत इस स्वदेशी युद्धपोत को भारतीय नौसेना के युद्धपोत डिजाइन ब्यूरो द्वारा डिजाइन किया गया है। यह युद्धपोत परमाणु, जैविक और रासायनिक युद्ध लड़ने में सक्षम है। चार ‘विशाखापत्तनम’ श्रेणी के विध्वंसकों में से दूसरे विध्वंसक को नौसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया जाएगा। इस युद्ध पोत को शक्तिशाली चार गैस टर्बाइन से गति मिलती है। पोत 30 समुद्री मील से अधिक की गति प्राप्त करने में सक्षम है। नौसेना ने कहा कि पोत की पनडुब्बी रोधी युद्ध क्षमताओं को देश में ही विकसित किया गया है औक पोत में रॉकेट लॉन्चर, तारपीडो लॉन्चर और एसएडब्लू हेलीकॉप्टर की व्यवस्था है। गौरतलब है कि भारत क्षेत्र में चीन के बढ़ते दुस्साहस के मद्देनजर हिंद महासागर पर ध्यान केंद्रित करने के साथ अपनी समुद्री क्षमता को बढ़ा रहा है।
 

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 18 दिसंबर को स्वदेश निर्मित P15B स्टील्थ गाइडेड मिसाइल विध्वंसक युद्धपोत ‘मोरमुगाओ’ को भारतीय नौसेना को समर्पित करेंगे। नौसेना डॉकयार्ड, मुंबई में इसे नौसेना में शामिल किया जाएगा। इससे भारतीय नौसेना की हिंद महासागर में पहुंच बढ़ेगी तथा देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा और चाकचौबंद होगी। रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी।

इस विध्वंसक युद्धपोत को भारतीय नौसेना के ‘वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो’ ने डिजाइन किया है और इसका निर्माण मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड, मुंबई द्वारा किया गया है। आईएनएस मोरमुगाओ का नाम पश्चिमी तट पर गोवा के ऐतिहासिक बंदरगाह शहर के नाम पर रखा गया है। आईएनएम मोरमुगाओ ने पिछले साल 19 दिसंबर को पहली बार समुद्र में उतरा था, इसी दिन गोवा में पुर्तगाली शासन से मुक्ति पाने के 60 साल पूरे हुए थे।

भारत में निर्मित शक्तिशाली युद्धपोतों में से एक आईएनएस मोरमुगाओ की लंबाई 163 मीटर और चौड़ाई 17 मीटर है और इसका वजन 7,400 टन है। जहाज चार शक्तिशाली गैस टर्बाइन से लैस है और 30 समुद्री मील से अधिक की गति से चल सकती है।

आईएनएस मोरमुगाओ की खूबियां 

आईएनएस मोरमुगाओ ब्रह्मोस और बराक-8 जैसी मिसाइलों से लैस है। इसमें इस्राइल का रडार एमएफ-स्टार लगा है, जो हवा में लंबी दूरी के लक्ष्य का पता लगा सकता है। 127 मिलीमीटर गन से लैस आईएनएस मोरमुगाओ 300 किलोमीटर दूर से लक्ष्य को भेदने में सक्षम है। इस पर एके-630 एंटी मिसाइल गन सिस्टम लगा है। साथ ही यह एंटी सबमरीन रॉकेट लांचर से भी लैस है।

आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत बनाया गया स्वदेशी युद्धपोत

‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत इस स्वदेशी युद्धपोत को भारतीय नौसेना के युद्धपोत डिजाइन ब्यूरो द्वारा डिजाइन किया गया है। यह युद्धपोत परमाणु, जैविक और रासायनिक युद्ध लड़ने में सक्षम है। चार ‘विशाखापत्तनम’ श्रेणी के विध्वंसकों में से दूसरे विध्वंसक को नौसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया जाएगा। इस युद्ध पोत को शक्तिशाली चार गैस टर्बाइन से गति मिलती है। पोत 30 समुद्री मील से अधिक की गति प्राप्त करने में सक्षम है। नौसेना ने कहा कि पोत की पनडुब्बी रोधी युद्ध क्षमताओं को देश में ही विकसित किया गया है औक पोत में रॉकेट लॉन्चर, तारपीडो लॉन्चर और एसएडब्लू हेलीकॉप्टर की व्यवस्था है। गौरतलब है कि भारत क्षेत्र में चीन के बढ़ते दुस्साहस के मद्देनजर हिंद महासागर पर ध्यान केंद्रित करने के साथ अपनी समुद्री क्षमता को बढ़ा रहा है।

 





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