Tuesday, October 4, 2022
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भारत के इतिहास में पहली बार GDP में -23.9% की गिरावट आई है क्या केंद्र सरकार अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर फ़ैल हो गई?

GDP जीडीपी के गिरने से देश और जनता को क्या नुकसान होगा?

पहली तिमाही के जीडीपी के आकड़े आ गए और जानकारों और इकॉनमी के बुद्धिजीवीयो ने भी इस बात का आंकलन नहीं किया होगा की भारत की जीडीपी यानि (Gross Domestic Product) के आकड़े इतने चौकाने वाले होंगे पर राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-जून तिमाही (Q1) के लिए भारत का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) 23.9 प्रतिशत तक आ गया। यानि की जहां पिछले तिमाही में जीडीपी की दर 3.1 प्रतिशत थी वही अब घटकर नेगेटिव 23.9 प्रतिशत हो गयी है।

जिससे सरकार की अर्थव्यवस्था नीति पर सवाल उठ रहे है, हलाकि कोरोना वायरस के चलते लॉक डाउन का असर भी इस जीडीपी पे पड़ा है पर भारत की जीडीपी पिछले 6 तिमाही से लगातार निचे ही आ रही थी। और उसपर कोरोना की मार ने पूरी भारत की इकॉनमी को ही हिला के रख दिया है। बढ़ते बेरोज़गारी और गरीबी से आम जनता त्राहि-त्राहि कर रही है। और लोगो की कमाई में इतनी गिरावट आ चुकी है की अब कई लोगों के पास २ वक्त की रोटी जुगाड़ करने के लिए पैसे भी नहीं है है।

India GDP Q1 Data 2020
India GDP Q1 Data 2020

ऐसे में बाज़ार में डिमांड नहीं पैदा हो रही जिससे मैन्युफैक्चरिंग, प्रोडक्शन, कंस्ट्रक्शन में लॉक डाउन और सरकार की नीति के कारण  50.3% की गिरावट हुई है। आपको यह शायद पता नहीं होगा की देश में सबसे ज्यादा रोजगार असंगठित क्षेत्र (Unorganized Sector) जिससे करीब 90 प्रतिशत लोगों को रोजगार मिलता है। और केवल 10 प्रतिशत ही संगठित क्षेत्र (Organized Sector) से रोजगार के अवसर प्रदान होते है। RBI भी इस मामले में चुप बैठी है गिरते हुए जीडीपी पर अभी तक कोई भी प्रतिक्रिया नहीं आयी है।

वही विपक्ष ने भी सरकार को घेरा है पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार पर प्रहार किया और जीडीपी की संख्या को “आर्थिक त्रासदी” करार दिया, और कहा कि मोदी के “अचूक और भयावह” रवैये के लिए “देश भारी कीमत चुका रहा है

उदारहण के लिए : समझ लीजिये पिछले साल आपक कमाई थी 100 रुपए और ठीक इस साल के महीने तक आपकी कमाई में 23.9 प्रतिशत की कमी या गिरावट आ गई, जो की 76.10 रुपय हो गयी तो कमाई कम होगी तो आप खर्च भी कम करेंगे उसी प्रकार सरकार की भी कमाई टैक्स के रूप में कम होगी और समाज के डेवलपमेंट पे खर्च कम होगा।

किस क्षेत्र में कितनी गिरावट

निर्माण (-50.3%), होटल और परिवहन (-47%) और विनिर्माण (-39.3%) में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। खनन और उत्खनन (-23.3%); वित्त, अचल संपत्ति और व्यावसायिक सेवाएँ (-5.3%); और उपयोगिताओं (-7%) में भी गिरावट आई जबकि कृषि क्षेत्र 3.4% बढ़ा। व्यय पक्ष पर, सकल स्थिर पूंजी निर्माण ने सबसे बड़ी कमी (-47.1%) दर्ज की। निजी खर्चों में 26.7% की कमी हुई, माल 20.8% गिर गया, निर्यात 19.8% नीचे चला गया और आयात 40.4% नीचे आ गया।

बढ़ती बेरजोगरी, मंगाई और कोरोनावायरस महामारी ने आम नागरिको की कमर तोड़ के रख दी है और उसपर जीडीपी में अबतक की सबसे बड़ी गिरावट ने भारत में मंदी के संकेत दे दिए है। देश चीन से पर्तिस्पर्धा के लिए लोकल उत्पादन पर जोर दिया जा रहा है परंतु जब बाज़ार में पैसा ही नहीं होगा निवेश नहीं होगा तो वोकल फॉर लोकल कैसे होगा। सरकार को सभी बड़े अर्थव्यवस्था के जानकार से परामर्श करके देश की आर्थिक आपदा का हल खोजना होगा।

उम्मीद है यह आर्टिकल आप को अच्छा लगा होगा। अपने सुझाव कमेंट की जरिये हमे जरूर बताएं। देशपत्रिका !

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