Wednesday, February 1, 2023
HomeTrending NewsLiz Truss Resigns: Rishi Sunak, Boris Johnson To Run For Leader -...

Liz Truss Resigns: Rishi Sunak, Boris Johnson To Run For Leader – Uk Crisis: सुनक बनेंगे Pm या नए सिरे से होंगे चुनाव, ब्रिटेन में ट्रस के इस्तीफे के बाद क्या-क्या बदलेगा?


लिज ट्रस

लिज ट्रस
– फोटो : अमर उजाला

ख़बर सुनें

ब्रिटेन की प्रधानमंत्री लिज ट्रस ने गुरुवार को इस्तीफा दे दिया। ट्रस ने छह हफ्ते पहले छह सितंबर को ही पद संभाला था। इसी के साथ लिज ट्रस ब्रिटेन के इतिहास में सबसे कम समय तक प्रधानमंत्री पद पर रहने वाली नेता बन गईं।  ट्रस से पहले टोरी पार्टी के जॉर्ज कैनिंग 1827 में 119 दिन तक प्रधानमंत्री पद पर रहे थे। पद संभालने के 119 दिन बाद कैनिंग का निधन हो गया था। 

लिज ट्रस के इस्तीफे के बाद नए नेता को लेकर अटकलें लगनी शुरू हो गई हैं। अगले शुक्रवार तक नए नेता का चुनाव हो जाएगा। एक बार फिर भारतीय मूल के ऋषि सुनक, सुएला ब्रेवरमैन और पैनी मॉरडेंट सबसे बड़े दावेदार बताए जा रहे हैं। पिछली बार प्रधानमंत्री पद की दावेदारी पेश करने वाले वित्त मंत्री जेरमी हंट ने खुद को इस रेस से अलग कर लिया है। अटकलें हैं कि पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन भी दावेदारी पेश कर सकते हैं। 

इस बीच सवाल ये है कि आखिर  लिज ट्रस के इस्तीफे की वजहें क्या रहीं? वित्त मंत्री को हटाने और उनके सभी फैसले पलटने के बाद भी क्यों ट्रस को इस्तीफा देना पड़ा? हमारे देश में तो सरकारें पिछली सरकारों का दोष बताते हुए कई साल गुजार देती हैं, ब्रिटेन में महज छह हफ्ते में कैसे प्रधानमंत्री के इस्तीफे की नौबत आ गई? ऋषि सुनक जो कुछ कह रहे थे वो सारी बारें लिज ट्रस के मामले में सही साबित हुईं, क्या ये सुनक के अगले कैम्पेन में उनकी मदद कर सकता है? ब्रिटेन में बिगड़ते हालात के बीच क्या वह दोबारा यूरोपियन यूनियन में जा सकता है?  क्या ब्रिटेन में नए सिरे से चुनाव भी हो सकते हैं? सुनक प्रधानमंत्री बनने हैं तो उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या होगी? इन सभी सवालों का जवाब जानने के लिए हमने बात ही स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टीडज के प्रोफेसर संजय कुमार पांडेय से बात की। उन्हीं से जानिए इन सभी सवालों के जवाब… 

लिज ट्रस के इस्तीफे की वजहें क्या रहीं? 
लिज ट्रस जब प्रधानमंत्री बनीं थी तब उन्होंने बड़े स्तर पर कर कटौती की बात की थी। पद ग्रहण करने के बाद जब उन्होंने इसे लागू करने की कोशिश की तो उसका नतीजा बहुत बुरा हुआ। ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था फ्री फॉल में चली गई। ब्रिटेन की मुद्रा पाउंड का अभी अवमूल्यन होने लगा। 
इससे उबरने के लिए उन्होंने अपने वित्त मंत्री का इस्तीफा लिया। इसके बाद भी बाजार में विश्वास नहीं लौटा। विदेशी निवेशकों का भी कहना था कि ट्रस की नीतियां बाजार को विश्वास दिलाने में नाकाम रही हैं। ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था का हाल पिछले कुछ समय से बुरा रहा है। सुनक के खिलाफ ट्रस भले जीत गई थीं, लेकिन उनके नेतृत्व में उनकी ही पार्टी के लोगों तक को विश्वास नहीं था। 
उनकी छवि भी प्रभावशाली नेता की नहीं रही है। हालांकि, कंजरवेटिव पार्टी का एक तबका है जो कई कारणों से उनका समर्थन करते हैं। इसके बाद भी वो कभी भी एक प्रभावशाली नेता के रूप में पहचान नहीं बना सकीं हैं। जब वो विदेश मंत्री थी तब भी कई बार उन्होंने ऐसी बातें कह दीं जिससे उनकी विषय (विदेश नीति) को लेकर कम समझ सामने आई। कुल मिलाकर उनके नेतृत्व में बहुत कम लोगों का विश्वास था। 

वित्त मंत्री को हटाने और उनके सभी फैसले पलटने के बाद भी क्यों ट्रस को इस्तीफा देना पड़ा?
अर्थव्यवस्था बहुत हद तक विश्वास पर आधारित होती है। चाहे शेयर बाजार हो या निवेशक, उन्हें लगना चाहिए कि सरकार और उसकी नीतियां आर्थिक मामलों से निपटने में सक्षम होंगी। ये विश्वास ट्रस नहीं जगा सकीं। ट्रस जिस आधार पर जीतकर प्रधानमंत्री बनीं थीं। संकट आने पर उसे ही पूरी तरह से पलट दिया। इससे बाजार में विश्वास पैदा होने की जगह और घट गया। फैसले वापस लेने के बाद भी बाजार और निवेशकों में विश्वास नहीं लौटा। उनकी अपनी पार्टी के लोगों को लगता था कि वो सरकार चला पाने में सक्षम नहीं हैं इसलिए उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। 

हमारे देश में तो सरकारें पिछली सरकारों का दोष बताते हुए कई साल गुजार देती हैं, ब्रिटेन में महज छह हफ्ते में कैसे प्रधानमंत्री के इस्तीफे की नौबत आ गई?
ब्रिटेन बहुत ही सजग प्रजातंत्र है। हर समय सरकार की नीतियों की स्वीकार्यता का पता हर दिन के हिसाब से भी चल सकता है। ऐसे प्रजातंत्र में आप लगातार प्रदर्शन करके दिखाना होता है। ट्रस का इस्तीफा दिखाता है कि उनके नेतृत्व में उनकी अपनी पार्टी के ही लोगों में विश्वास नहीं था। 

जब ट्रस पर उनकी पार्टी के लोगों को विश्वास नहीं था फिर पीएम की रेस सुनक क्यों हार गए थे? क्या ये व्हाइट और नॉन व्हाइट की लड़ाई बनने की वजह से हुआ? 

ब्रिटेन में कई लोग कहेंगे कि ट्रस सरकार की गृह मंत्री भारतीय मूल की थीं। वित्त मंत्री अफ्रीकी मूल के थे। इससे पहले भारतीय मूल के सुनक बोरिस जॉनसन सरकार में वित्त मंत्री थे। ये दिखाता है कि ब्रिटेन में इस तरह का नस्लवाद नहीं है। कई लोग ये भी कहेंगे की ये सिर्फ व्यक्तिगत महत्वकांक्षा की लड़ाई थी। जैसे बोरिस जॉनसन को सुनक से कुछ शिकायतें थी। और बोरिस जॉनसन का विरोध सुनक पर भारी पड़ा था। लेकिन, इन सब के बाद भी व्हाइट और नॉन व्हाइट की लड़ाई में पिछली बार पिछड़ गए थे। हालांकि, इस बार वो इस बाधा को नहीं पार कर सके इसकी उम्मीद कम है। क्योंकि, ऋषि सुनक को पसंद नहीं करने वाले लोग भी निर्विवाद रूप से मानते हैं कि सुनक में काबलियत की कोई कमी नहीं है। 

 

ऋषि सुनक जो कुछ कह रहे थे वो सारी बारें लिज ट्रस के मामले में सही साबित हुईं, क्या ये सुनक के अगले कैम्पेन में उनकी मदद कर सकता है? 
बिल्कुल ऐसा हो सकता है। लिज ट्रस के गलत निर्णयों और बिना सोच-विचार के लिए गए फैसलों से ऋषि सुनक के प्रति लोगों का नजरिया बदलेगा। साथ ही लोगों को ये भी लगेगा कि आज की तारीख में ब्रिटेन की समस्याओं का समाधान अगर किसी के पास है तो वो ऋषि सुनक हैं। 
अगर, बोरिस जॉनसन फिर से दावेदारी पेश करते हैं तो सुनक के लिए थोड़ी मुश्किल हो सकती है। हालांकि, उनके नेतृत्व में आए अविश्वास के भाव के कारण ही उन्हें हटना पड़ा था। ऐसे में सुनक की दावेदारी सबसे मजबूत दिखाई देती है। 

ब्रिटेन में बिगड़ते हालात के बीच क्या वह दोबारा यूरोपियन यूनियन में जा सकता है? 
ब्रिटेन में भी कुछ लोगों का मानना है कि ये संकट ब्रेग्जिट से जुड़ा है। इसके बाद भी मौजूदा स्थिति में उसका यूरोपियन यूनियन के साथ दोबारा जाना मुश्किल  लगता है। हां, ये जरूर हो सकता है कि वह एक बीच का रास्ता अपनाए और यूरोपियन यूनियन की नीतियों को स्वीकार करके उसके साथ बेहतर व्यापारिक संबंध बनाने की कोशिश करेगा। 
 क्या ब्रिटेन में नए सिरे से चुनाव भी हो सकते हैं?
ब्रिटेन में बिना चुनाव के नेतृत्व परिवर्तन हो सकता है। ब्रिटेन में चुनाव को लेकर फैसला करने की शक्तियां प्रधानमंत्री के पास होती हैं। वही, राजा से इसके लिए सिफारिश करता है। मौजूदा परिदृश्य में ऐसा होने के आसार बहुत कम हैं। ब्रिटेन के मौजूदा सर्वे बताते हैं कि कंजरवेटिव पार्टी की लोकप्रियता बहुत घटी हुई है। अभी उसके पास करीब दो साल का वक्त है। ऐसे में वह चाहेगी की नया नेता ऐसी नीतियां लेकर आए जिससे जनता में पार्टी के प्रति फिर से विश्वास लौटे। जब ऐसा हो तब वह चुनाव कराएं। 

अगले नेता के लिए सबसे बड़ी चुनौती क्या होगी?
कंजरवेटिव पार्टी के अगले नेता की सबसे बड़ी चुनौती पार्टी को एकजुट करने की होगी। उनमें फिर से विश्वास पैदा करना उसकी पहली चुनौती होगी। कंजरवेटिव पार्टी के अंदर जो अलग-अलग मत हैं उन्हें एक साथ लाना भी नए नेता की चुनौती होगी। 
सुनक के लिए अच्छी बात ये है कि उनकी पार्टी के नेताओं में सुनक की काबलियत पर भरोसा है। उनकी क्षवि एक ऐसे नेता की जो कड़े फैसले ले सकते हैं और परिणाम दे सकते हैं। ऐसे में ये बातें उनके पक्ष में जा सकती हैं। 

सुनक अगर प्रधानमंत्री बनते हैं तो भारत के लिए क्या बदलेगा?

ब्रेग्जिट के बाद ब्रिटेन का यूरोपीयन यूनियन से इतर देशों के साथ रिश्ते बेहतर करने का प्रयास रहा है। इसमें चीन और भारत जैसे देश शामिल हैं। ऋषि सुनक का प्रधानमंत्री बनना इस संबंधों के बेहतर करने की दिशा में मदद कर सकता है। भारत में भी लोगों को लगेगा कि हमारा एक व्यक्ति ब्रिटेन का नेतृत्व कर रहा है। ऐसे में दोनों देशों के बीच विश्वास बढ़ेगा।  

विस्तार

ब्रिटेन की प्रधानमंत्री लिज ट्रस ने गुरुवार को इस्तीफा दे दिया। ट्रस ने छह हफ्ते पहले छह सितंबर को ही पद संभाला था। इसी के साथ लिज ट्रस ब्रिटेन के इतिहास में सबसे कम समय तक प्रधानमंत्री पद पर रहने वाली नेता बन गईं।  ट्रस से पहले टोरी पार्टी के जॉर्ज कैनिंग 1827 में 119 दिन तक प्रधानमंत्री पद पर रहे थे। पद संभालने के 119 दिन बाद कैनिंग का निधन हो गया था। 

लिज ट्रस के इस्तीफे के बाद नए नेता को लेकर अटकलें लगनी शुरू हो गई हैं। अगले शुक्रवार तक नए नेता का चुनाव हो जाएगा। एक बार फिर भारतीय मूल के ऋषि सुनक, सुएला ब्रेवरमैन और पैनी मॉरडेंट सबसे बड़े दावेदार बताए जा रहे हैं। पिछली बार प्रधानमंत्री पद की दावेदारी पेश करने वाले वित्त मंत्री जेरमी हंट ने खुद को इस रेस से अलग कर लिया है। अटकलें हैं कि पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन भी दावेदारी पेश कर सकते हैं। 

इस बीच सवाल ये है कि आखिर  लिज ट्रस के इस्तीफे की वजहें क्या रहीं? वित्त मंत्री को हटाने और उनके सभी फैसले पलटने के बाद भी क्यों ट्रस को इस्तीफा देना पड़ा? हमारे देश में तो सरकारें पिछली सरकारों का दोष बताते हुए कई साल गुजार देती हैं, ब्रिटेन में महज छह हफ्ते में कैसे प्रधानमंत्री के इस्तीफे की नौबत आ गई? ऋषि सुनक जो कुछ कह रहे थे वो सारी बारें लिज ट्रस के मामले में सही साबित हुईं, क्या ये सुनक के अगले कैम्पेन में उनकी मदद कर सकता है? ब्रिटेन में बिगड़ते हालात के बीच क्या वह दोबारा यूरोपियन यूनियन में जा सकता है?  क्या ब्रिटेन में नए सिरे से चुनाव भी हो सकते हैं? सुनक प्रधानमंत्री बनने हैं तो उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या होगी? इन सभी सवालों का जवाब जानने के लिए हमने बात ही स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टीडज के प्रोफेसर संजय कुमार पांडेय से बात की। उन्हीं से जानिए इन सभी सवालों के जवाब… 





Source link

RELATED ARTICLES
spot_img

Most Popular

Recent Comments

spot_img