Thursday, February 9, 2023
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Pakistan Embassy In Kabul Comes Under Attack, Assassination Attempt Of Cda Rehman Nizamani – Pakistan Embassy Attack: काबुल में पाकिस्तानी दूतावास पर हमला, राजदूत की हत्या की कोशिश, एक सुरक्षाकर्मी घायल


अफगानिस्तान में पाकिस्तान के कार्यवाहक राजदूत उबैदुर रहमान निजामनी।

अफगानिस्तान में पाकिस्तान के कार्यवाहक राजदूत उबैदुर रहमान निजामनी।
– फोटो : Twitter/Pakistan Embassy Afghanistan

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अफगानिस्तान के काबुल में पाकिस्तानी दूतावास पर हमला हुआ। इस हमले में पाकिस्तानी दूतावास में तैनात एक सुरक्षाकर्मी घायल हो गया। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय (Foreign Office) की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, काबुल में पाकिस्तान के दूतावास पर शुक्रवार को हमला किया गया, जिसमें अफगानिस्तान में पाकिस्तान के कार्यवाहक राजदूत उबैदुर रहमान निजामनी (Ubaidur Rehman Nizamani) को निशाना बनाया गया।

पाक विदेश कार्यालय ने हमले की निंदा की 
विदेश कार्यालय (एफओ) ने कहा कि दूतावास परिसर पर हमला हुआ, लेकिन हमले के वक्त दूतावास में मौजूद पाकिस्तान के कार्यवाहक राजदूत निजामनी सुरक्षित हैं। मिशन प्रमुख की सुरक्षा के दौरान हमले में एक सुरक्षा गार्ड, सिपाही इसरार मोहम्मद गंभीर रूप से घायल हो गया है। प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि पाकिस्तान निजामनी के खिलाफ हत्या के प्रयास और दूतावास परिसर पर हमले की कड़ी निंदा करता है।

एफओ ने कहा कि अफगानिस्तान की अंतरिम सरकार को तुरंत इस हमले की गहन जांच करनी चाहिए, दोषियों को पकड़ना चाहिए, उन्हें जवाबदेह बनाना चाहिए और अफगानिस्तान में पाकिस्तानी राजनयिक कर्मियों और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए। बता दें कि निजामनी ने पिछले महीने चार नवंबर को मिशन प्रमुख के रूप में कार्यभार संभाला था।

वहीं, तालिबान की प्रारंभिक जांच में दावा किया गया है कि दूतावास के पास मौजूद इमारत से फायरिंग की गई थी। हमले के बाद तालिबान के सुरक्षाकर्मियों ने दूतावास को घेर लिया है और आसपास के इलाकों की जांच की जा रही है। अभी तक किसी भी हमलावर को पकड़ा नहीं जा सका है। दूतावास पर हमले के कारणों का भी खुलासा नहीं हुआ है।

हमले को लेकर भड़के पीएम शहबाज शरीफ
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पाकिस्तानी दूतावास पर हुए हमले की निंदा की है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि मैं पाकिस्तानी मिशन के प्रमुख पर काबुल में कायराना हमले की निंदा करता हूं। मैं उनकी जान बचाने के लिए गोली खाने वाले बहादुर सुरक्षा गार्ड को सलाम करता हूं। सुरक्षा गार्ड के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना है। मैं इस जघन्य कृत्य को अंजाम देने वाले अपराधियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग करता हूं। 

काबुल से अपने कर्मचारियों को निकालेगा पाकिस्तान
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पाक सरकार काबुल के दूतावास से अपने कुछ कर्मचारियों को निकालने की योजना बना रही है। इसमें मिशन प्रमुख निजामनी और घायल एसएसजी गार्ड शामिल हैं। एसएसजी गार्ड को हमले में तीन गोलियां लगी हैं।

आत्मघाती हमले में बाल-बाल बचे पूर्व अफगान पीएम हिकमतयार, एक की मौत, दो घायल
अफगानिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री गुलबुद्दीन हिकमतयार के दारुलामन क्षेत्र में स्थित इमारत पर शुक्रवार को आत्मघाती हमला हुआ। इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। हिकमतयार हमले में बाल-बाल बच गए। सूत्रों के मुताबिक हिकमतयार और उनके समर्थक शुक्रवार की नमाज के लिए उनके भवन में स्थित एक मस्जिद में एकत्रित हुए थे। तभी बुर्का पहने हमलावरों ने मस्जिद में घुसने की कोशिश की। लेकिन सुरक्षा गार्डों ने दो हमलावरों को मार गिराया। इस हमले की अभी किसी व्यक्ति या संगठन ने जिम्मेदारी नहीं ली है।
 
तालिबान के आने के बाद भी डटे रहे काबुल में 
2001 के आक्रमण के बाद हिकमतयार ने अमेरिकी सेना से जंग लड़ी थी। अन्य अफगान गुटों के साथ उनकी तगड़ी प्रतिद्वंद्विता चल रही थी। 2017 में उन्होंने हथियार डाल दिए और पूर्व राष्ट्रपति अशरफ गनी के साथ शांति समझौते में शामिल हो गए। पिछले साल तालिबान के सत्ता में आने के बाद हिकमतयार काबुल में ही बने रहे, जबकि गनी और अन्य पूर्व नेता वहां से भाग गए।

विस्तार

अफगानिस्तान के काबुल में पाकिस्तानी दूतावास पर हमला हुआ। इस हमले में पाकिस्तानी दूतावास में तैनात एक सुरक्षाकर्मी घायल हो गया। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय (Foreign Office) की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, काबुल में पाकिस्तान के दूतावास पर शुक्रवार को हमला किया गया, जिसमें अफगानिस्तान में पाकिस्तान के कार्यवाहक राजदूत उबैदुर रहमान निजामनी (Ubaidur Rehman Nizamani) को निशाना बनाया गया।

पाक विदेश कार्यालय ने हमले की निंदा की 

विदेश कार्यालय (एफओ) ने कहा कि दूतावास परिसर पर हमला हुआ, लेकिन हमले के वक्त दूतावास में मौजूद पाकिस्तान के कार्यवाहक राजदूत निजामनी सुरक्षित हैं। मिशन प्रमुख की सुरक्षा के दौरान हमले में एक सुरक्षा गार्ड, सिपाही इसरार मोहम्मद गंभीर रूप से घायल हो गया है। प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि पाकिस्तान निजामनी के खिलाफ हत्या के प्रयास और दूतावास परिसर पर हमले की कड़ी निंदा करता है।

एफओ ने कहा कि अफगानिस्तान की अंतरिम सरकार को तुरंत इस हमले की गहन जांच करनी चाहिए, दोषियों को पकड़ना चाहिए, उन्हें जवाबदेह बनाना चाहिए और अफगानिस्तान में पाकिस्तानी राजनयिक कर्मियों और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए। बता दें कि निजामनी ने पिछले महीने चार नवंबर को मिशन प्रमुख के रूप में कार्यभार संभाला था।

वहीं, तालिबान की प्रारंभिक जांच में दावा किया गया है कि दूतावास के पास मौजूद इमारत से फायरिंग की गई थी। हमले के बाद तालिबान के सुरक्षाकर्मियों ने दूतावास को घेर लिया है और आसपास के इलाकों की जांच की जा रही है। अभी तक किसी भी हमलावर को पकड़ा नहीं जा सका है। दूतावास पर हमले के कारणों का भी खुलासा नहीं हुआ है।

हमले को लेकर भड़के पीएम शहबाज शरीफ

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पाकिस्तानी दूतावास पर हुए हमले की निंदा की है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि मैं पाकिस्तानी मिशन के प्रमुख पर काबुल में कायराना हमले की निंदा करता हूं। मैं उनकी जान बचाने के लिए गोली खाने वाले बहादुर सुरक्षा गार्ड को सलाम करता हूं। सुरक्षा गार्ड के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना है। मैं इस जघन्य कृत्य को अंजाम देने वाले अपराधियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग करता हूं। 

काबुल से अपने कर्मचारियों को निकालेगा पाकिस्तान

पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पाक सरकार काबुल के दूतावास से अपने कुछ कर्मचारियों को निकालने की योजना बना रही है। इसमें मिशन प्रमुख निजामनी और घायल एसएसजी गार्ड शामिल हैं। एसएसजी गार्ड को हमले में तीन गोलियां लगी हैं।

आत्मघाती हमले में बाल-बाल बचे पूर्व अफगान पीएम हिकमतयार, एक की मौत, दो घायल

अफगानिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री गुलबुद्दीन हिकमतयार के दारुलामन क्षेत्र में स्थित इमारत पर शुक्रवार को आत्मघाती हमला हुआ। इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। हिकमतयार हमले में बाल-बाल बच गए। सूत्रों के मुताबिक हिकमतयार और उनके समर्थक शुक्रवार की नमाज के लिए उनके भवन में स्थित एक मस्जिद में एकत्रित हुए थे। तभी बुर्का पहने हमलावरों ने मस्जिद में घुसने की कोशिश की। लेकिन सुरक्षा गार्डों ने दो हमलावरों को मार गिराया। इस हमले की अभी किसी व्यक्ति या संगठन ने जिम्मेदारी नहीं ली है।

 

तालिबान के आने के बाद भी डटे रहे काबुल में 

2001 के आक्रमण के बाद हिकमतयार ने अमेरिकी सेना से जंग लड़ी थी। अन्य अफगान गुटों के साथ उनकी तगड़ी प्रतिद्वंद्विता चल रही थी। 2017 में उन्होंने हथियार डाल दिए और पूर्व राष्ट्रपति अशरफ गनी के साथ शांति समझौते में शामिल हो गए। पिछले साल तालिबान के सत्ता में आने के बाद हिकमतयार काबुल में ही बने रहे, जबकि गनी और अन्य पूर्व नेता वहां से भाग गए।





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