Friday, December 2, 2022
HomeTrending NewsPakistan Misused Cica Platform To Propagate False Propaganda, Must Shut Down Terror...

Pakistan Misused Cica Platform To Propagate False Propaganda, Must Shut Down Terror Infrastructure: India – Cica: अंतर्राष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान ने फिर छेड़ा कश्मीर का राग, भारत ने आतंकवाद पर सुनाई खरी-खरी


INDIA PAK

INDIA PAK
– फोटो : social media

ख़बर सुनें

अंतर्राष्ट्रीय मंच पर कश्मीर का मुद्दा उठाने पर भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान को आतंकवाद पर खरी-खरी सुनाई। सीआईसीए शिखर सम्मेलन में पाकिस्तान को करारा जवाब देते हुए भारत ने गुरुवार को कहा कि इस्लामाबाद ने भारत के खिलाफ अपने झूठे और दुर्भावनापूर्ण प्रचार के लिए सीआईसीए मंच का दुरुपयोग किया है। भारत ने पड़ोसी देश को वैश्विक समुदाय को भाषण देने के बजाय अपना घर दुरुस्त करने की सलाह दी। 

विदेश राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी ने कजाकिस्तान के अस्ताना में सीआईसीए शिखर सम्मेलन में कहा, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पाकिस्तान ने मेरे देश के खिलाफ झूठे और दुर्भावनापूर्ण प्रचार करने और सदस्य देशों के बीच आज की चर्चा और सहयोग के विषय और फोकस से ध्यान हटाने के लिए एक बार फिर सीआईसीए मंच का दुरुपयोग किया है। जम्मू और कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश भारत का अभिन्न अंग रहा है और रहेगा। पाकिस्तान के पास भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है। 

उन्होंने कहा, पाकिस्तान की टिप्पणी भारत के आंतरिक मामलों, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता में घोर हस्तक्षेप है जो सितंबर 1999 के सीआईसीए सदस्य देशों के बीच संबंधों को निर्देशित करने वाले सिद्धांतों पर सीआईसीए घोषणा के विपरीत है। यह बताते हुए कि पाकिस्तान आतंकवाद का वैश्विक केंद्र बना हुआ है, लेखी ने कहा कि उसे भारत के खिलाफ सीमा पार आतंकवाद को खत्म करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद का वैश्विक केंद्र है और आतंकवादी गतिविधियों का स्रोत बना हुआ है। पाकिस्तान मानव विकास में कोई निवेश नहीं कर रहा है, लेकिन आतंकवाद के बुनियादी ढांचे को बनाने और बनाए रखने के लिए अपने संसाधन प्रदान करता है। 

लेखी ने कहा कि पाकिस्तान को तुरंत सीमा पार आतंकवाद को रोकना चाहिए और आतंकवाद के अपने बुनियादी ढांचे को बंद करना चाहिए। पाकिस्तान को अपने कब्जे वाले जम्मू, कश्मीर और लद्दाख में गंभीर और लगातार मानवाधिकारों के उल्लंघन को रोकना होगा। पीओजेकेएल की स्थिति में किसी तरह के भौतिक परिवर्तन को रोकना होगा और भारतीय क्षेत्रों को खाली करना होगा जो इसके अवैध और जबरन कब्जे में हैं। लेखी ने कहा कि भारत पाकिस्तान सहित अपने सभी पड़ोसियों के साथ सामान्य संबंध चाहता है। उन्होंने कहा कि हम पाकिस्तान को सलाह देते हैं कि वह भारत के खिलाफ सीमा पार आतंकवाद के लिए अपने नियंत्रण वाले किसी भी क्षेत्र का इस्तेमाल किसी भी तरह से करने की अनुमति न दे। विश्वसनीय, सत्यापन योग्य और जरूरी कार्रवाई करके अनुकूल माहौल बनाकर बात करें। इस तरह हम दोनों देश सहयोग के अपने एजेंडे से इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंच को विचलित करने के बजाय द्विपक्षीय रूप से मुद्दों को सुलझाने में सक्षम होंगे। 

इससे पहले छठे सीआईसीए शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने जम्मू-कश्मीर का जिक्र किया और कहा कि परिणाम हासिल करने वाले समाधानों की दिशा में कार्य करने के लिए आवश्यक कदम उठाने की जिम्मेदारी भारत पर बनी हुई है। एशिया में इंटरेक्शन एंड कॉन्फिडेंस बिल्डिंग मेजर्स (CICA) के सम्मेलन की छठी शिखर बैठक अस्ताना में आयोजित की जा रही है। इसके संस्थापक सदस्यों में से एक के रूप में भारत ने सीआईसीए की पहल का समर्थन किया है और इसकी विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया है। सीआईसीए शिखर सम्मेलन से इतर मीनाक्षी लेखी कजाकिस्तान सहित अन्य भाग लेने वाले देशों के वरिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों और मंत्रियों के साथ कुछ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगी।
 

विस्तार

अंतर्राष्ट्रीय मंच पर कश्मीर का मुद्दा उठाने पर भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान को आतंकवाद पर खरी-खरी सुनाई। सीआईसीए शिखर सम्मेलन में पाकिस्तान को करारा जवाब देते हुए भारत ने गुरुवार को कहा कि इस्लामाबाद ने भारत के खिलाफ अपने झूठे और दुर्भावनापूर्ण प्रचार के लिए सीआईसीए मंच का दुरुपयोग किया है। भारत ने पड़ोसी देश को वैश्विक समुदाय को भाषण देने के बजाय अपना घर दुरुस्त करने की सलाह दी। 

विदेश राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी ने कजाकिस्तान के अस्ताना में सीआईसीए शिखर सम्मेलन में कहा, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पाकिस्तान ने मेरे देश के खिलाफ झूठे और दुर्भावनापूर्ण प्रचार करने और सदस्य देशों के बीच आज की चर्चा और सहयोग के विषय और फोकस से ध्यान हटाने के लिए एक बार फिर सीआईसीए मंच का दुरुपयोग किया है। जम्मू और कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश भारत का अभिन्न अंग रहा है और रहेगा। पाकिस्तान के पास भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है। 

उन्होंने कहा, पाकिस्तान की टिप्पणी भारत के आंतरिक मामलों, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता में घोर हस्तक्षेप है जो सितंबर 1999 के सीआईसीए सदस्य देशों के बीच संबंधों को निर्देशित करने वाले सिद्धांतों पर सीआईसीए घोषणा के विपरीत है। यह बताते हुए कि पाकिस्तान आतंकवाद का वैश्विक केंद्र बना हुआ है, लेखी ने कहा कि उसे भारत के खिलाफ सीमा पार आतंकवाद को खत्म करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद का वैश्विक केंद्र है और आतंकवादी गतिविधियों का स्रोत बना हुआ है। पाकिस्तान मानव विकास में कोई निवेश नहीं कर रहा है, लेकिन आतंकवाद के बुनियादी ढांचे को बनाने और बनाए रखने के लिए अपने संसाधन प्रदान करता है। 

लेखी ने कहा कि पाकिस्तान को तुरंत सीमा पार आतंकवाद को रोकना चाहिए और आतंकवाद के अपने बुनियादी ढांचे को बंद करना चाहिए। पाकिस्तान को अपने कब्जे वाले जम्मू, कश्मीर और लद्दाख में गंभीर और लगातार मानवाधिकारों के उल्लंघन को रोकना होगा। पीओजेकेएल की स्थिति में किसी तरह के भौतिक परिवर्तन को रोकना होगा और भारतीय क्षेत्रों को खाली करना होगा जो इसके अवैध और जबरन कब्जे में हैं। लेखी ने कहा कि भारत पाकिस्तान सहित अपने सभी पड़ोसियों के साथ सामान्य संबंध चाहता है। उन्होंने कहा कि हम पाकिस्तान को सलाह देते हैं कि वह भारत के खिलाफ सीमा पार आतंकवाद के लिए अपने नियंत्रण वाले किसी भी क्षेत्र का इस्तेमाल किसी भी तरह से करने की अनुमति न दे। विश्वसनीय, सत्यापन योग्य और जरूरी कार्रवाई करके अनुकूल माहौल बनाकर बात करें। इस तरह हम दोनों देश सहयोग के अपने एजेंडे से इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंच को विचलित करने के बजाय द्विपक्षीय रूप से मुद्दों को सुलझाने में सक्षम होंगे। 

इससे पहले छठे सीआईसीए शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने जम्मू-कश्मीर का जिक्र किया और कहा कि परिणाम हासिल करने वाले समाधानों की दिशा में कार्य करने के लिए आवश्यक कदम उठाने की जिम्मेदारी भारत पर बनी हुई है। एशिया में इंटरेक्शन एंड कॉन्फिडेंस बिल्डिंग मेजर्स (CICA) के सम्मेलन की छठी शिखर बैठक अस्ताना में आयोजित की जा रही है। इसके संस्थापक सदस्यों में से एक के रूप में भारत ने सीआईसीए की पहल का समर्थन किया है और इसकी विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया है। सीआईसीए शिखर सम्मेलन से इतर मीनाक्षी लेखी कजाकिस्तान सहित अन्य भाग लेने वाले देशों के वरिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों और मंत्रियों के साथ कुछ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगी।

 





Source link

RELATED ARTICLES
spot_img

Most Popular

Recent Comments

spot_img