Thursday, February 9, 2023
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Supreme Court Ordered Center Government To Follow The Reservation Policy In Iit Admission And Recruitment – Supreme Court: केंद्र और आईआईटी प्रवेश व भर्ती में आरक्षण नीति का करें पालन


सुप्रीम कोर्ट

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– फोटो : Social Media

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सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को केंद्रीय शैक्षिक संस्थान (शिक्षक संवर्ग में आरक्षण) अधिनियम, 2019 के तहत अनुसंधान डिग्री कार्यक्रमों में प्रवेश और आईआईटी में संकाय सदस्यों की भर्ती के लिए आरक्षण नीति का पालन करने का निर्देश दिया है। शीर्ष अदालत एसएन पांडे की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें केंद्र और आईआईटी को अनुसंधान कार्यक्रमों में प्रवेश और संकाय सदस्यों की भर्ती के संबंध में आरक्षण नीति का पालन करने का निर्देश देने की मांग की गई थी। याचिका में दावा किया गया था कि दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया जा रहा है। जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस सीटी रविकुमार की पीठ के समक्ष याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि केंद्रीय शैक्षिक संस्थान (शिक्षक संवर्ग में आरक्षण) अधिनियम, 2019 इस तरह के आरक्षण को निर्धारित करता है। 

जस्टिस चंद्रचूड़ के सीजेआई बनने के बाद 6,844 मामलों का हुआ निस्तारण
चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के पदभार ग्रहण करने के बाद से सुप्रीम कोर्ट ने अब तक 6,844 मामलों का निस्तारण किया है। सूत्रों के मुताबिक, इनमें जमानत व स्थानांतरण याचिकाओं के 2,511 मामले शामिल हैं। जस्टिस चंद्रचूड़ के कार्यभार संभालने यानी नौ नवंबर से 16 दिसंबर तक 5,898 मामले दायर हुए। नवंबर में सीजेआई ने निर्णय लिया था कि सभी 13 पीठ प्रतिदिन 10 स्थानांतरण याचिकाओं और इतनी ही जमानत याचिकाओं की सुनवाई करेंगी। सीजेआई बनने के बाद उन्होंने कहा था, जमानत के मामलों को प्राथमिकता देने की जरूरत है। शीर्ष अदालत ने कहा था, वैवाहिक मामलों से संबंधित 3,000 याचिकाएं लंबित हैं, जहां पक्षकार मामलों को स्थानांतरित करने की मांग कर रहे हैं।

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सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को केंद्रीय शैक्षिक संस्थान (शिक्षक संवर्ग में आरक्षण) अधिनियम, 2019 के तहत अनुसंधान डिग्री कार्यक्रमों में प्रवेश और आईआईटी में संकाय सदस्यों की भर्ती के लिए आरक्षण नीति का पालन करने का निर्देश दिया है। शीर्ष अदालत एसएन पांडे की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें केंद्र और आईआईटी को अनुसंधान कार्यक्रमों में प्रवेश और संकाय सदस्यों की भर्ती के संबंध में आरक्षण नीति का पालन करने का निर्देश देने की मांग की गई थी। याचिका में दावा किया गया था कि दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया जा रहा है। जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस सीटी रविकुमार की पीठ के समक्ष याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि केंद्रीय शैक्षिक संस्थान (शिक्षक संवर्ग में आरक्षण) अधिनियम, 2019 इस तरह के आरक्षण को निर्धारित करता है। 

जस्टिस चंद्रचूड़ के सीजेआई बनने के बाद 6,844 मामलों का हुआ निस्तारण

चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के पदभार ग्रहण करने के बाद से सुप्रीम कोर्ट ने अब तक 6,844 मामलों का निस्तारण किया है। सूत्रों के मुताबिक, इनमें जमानत व स्थानांतरण याचिकाओं के 2,511 मामले शामिल हैं। जस्टिस चंद्रचूड़ के कार्यभार संभालने यानी नौ नवंबर से 16 दिसंबर तक 5,898 मामले दायर हुए। नवंबर में सीजेआई ने निर्णय लिया था कि सभी 13 पीठ प्रतिदिन 10 स्थानांतरण याचिकाओं और इतनी ही जमानत याचिकाओं की सुनवाई करेंगी। सीजेआई बनने के बाद उन्होंने कहा था, जमानत के मामलों को प्राथमिकता देने की जरूरत है। शीर्ष अदालत ने कहा था, वैवाहिक मामलों से संबंधित 3,000 याचिकाएं लंबित हैं, जहां पक्षकार मामलों को स्थानांतरित करने की मांग कर रहे हैं।





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