Wednesday, February 8, 2023
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White House Press Secretary Karine Jean-pierre On India-china Clashes – India China Clash: अमेरिका ने भारत-चीन संघर्ष पर दी प्रतिक्रिया, कहा- खुशी है कि दोनों पक्ष जल्द अलग हो गए


व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव करीन जीन-पियरे।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव करीन जीन-पियरे।
– फोटो : ANI

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भारत और चीन के सैनिकों के बीच अरुणाचल प्रदेश के तवांग इलाके में झड़प पर अमेरिका ने प्रतिक्रिया दी है। व्हाइट हाउस ने कहा कि बाइडन प्रशासन इस बात से खुश है कि भारत और चीन अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में झड़प के बाद जल्द ही पीछे हट गए। मंगलवार (स्थानीय समय) को एक प्रेस वार्ता के दौरान व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव करीन जीन-पियरे ने कहा कि अमेरिका स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहा है और दोनों पक्षों को विवादित सीमाओं पर चर्चा करने के लिए मौजूदा द्विपक्षीय चैनलों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करता है।

करीन जीन-पियरे ने कहा कि “हमें खुशी है कि दोनों पक्ष संघर्ष से जल्दी से अलग हो गए। हम स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं और भारत और चीन को विवादित सीमाओं पर चर्चा करने के लिए मौजूदा द्विपक्षीय चैनलों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में शुक्रवार (नौ दिसंबर) को भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई झड़प में दोनों पक्षों के सैनिकों को मामूली चोटें आईं और झड़प के तुरंत बाद दोनों पक्ष अपने इलाकों में लौट गए। आमने-सामने के क्षेत्र में तैनात भारतीय सैनिकों ने चीनी सैनिकों को करारा जवाब दिया और झड़प में घायल हुए चीनी सैनिकों की संख्या भारतीय सैनिकों से अधिक है।

अमित शाह और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने दी प्रतिक्रिया
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को संसद में कहा कि भारतीय सेना के जवानों ने नौ दिसंबर को अरुणाचल के तवांग सेक्टर के यांग्त्से क्षेत्र में चीनी सेना को वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) का उल्लंघन करने से बहादुरी से रोका। उन्होंने आगे कहा कि मैं सदन को आश्वस्त करना चाहता हूं कि कोई भी भारतीय सैनिक नहीं मारा गया या गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ। मैं सदन को यह भी विश्वास दिलाता हूं कि हमारी सेना देश की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करने में सक्षम है। हमारी सेना किसी भी अतिक्रमण से निपटने के लिए तैयार है। मुझे दृढ़ विश्वास है कि सदन हमारे सशस्त्र बलों की बहादुरी और साहस का समर्थन करेगा। वहीं, इस मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह ने साफ कर दिया है कि भारतीय सेना देश में कहीं भी किसी को एक इंच जमीन पर कब्जा नहीं करने देगी।

क्या हुआ था नौ दिसंबर को 
रिपोर्ट्स के मुताबिक नौ दिसंबर को 300 से ज्यादा चीनी सैनिक अरुणाचल प्रदेश में तवांग सेक्टर के यांग्त्से में 17 हजार फीट की ऊंचाई पर भारतीय सीमा में घुसपैठ करने की कोशिश की। यहां भारतीय पोस्ट को हटाने के लिए चीनी सैनिक कंटीले लाठी डंडे और इलेक्ट्रिक बैटन लेकर आए थे। भारतीय सेना भी चीनी सैनिकों का मुकाबला करने के लिए पूरी तरह से मुस्तैद थी। जैसे ही चीनी सैनिकों ने हमला किया, भारतीय जवानों ने भी जोरदार जवाब देना शुरू कर दिया। भारतीय सैनिकों ने भी कंटीले लाठी-डंडों से चीनी सैनिकों को जवाब दिया और वास्तविक नियंत्रण रेखा पर यथास्थिति को बदलने के उनके प्रयास को विफल कर दिया।

इन तीन रेजीमेंट के जवानों ने चीनियों को खदेड़ा
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, जब चीनी सैनिकों ने वास्तविक नियंत्रण रेखा पर यथास्थिति को बदलने का प्रयास किया तो जम्मू और कश्मीर राइफल्स, जाट रेजिमेंट और सिख लाइट इन्फैंट्री सहित तीन अलग-अलग बटालियनों से संबंधित सैनिकों ने उनका मुकाबला किया और उन्हें खदेड़ा।

विस्तार

भारत और चीन के सैनिकों के बीच अरुणाचल प्रदेश के तवांग इलाके में झड़प पर अमेरिका ने प्रतिक्रिया दी है। व्हाइट हाउस ने कहा कि बाइडन प्रशासन इस बात से खुश है कि भारत और चीन अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में झड़प के बाद जल्द ही पीछे हट गए। मंगलवार (स्थानीय समय) को एक प्रेस वार्ता के दौरान व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव करीन जीन-पियरे ने कहा कि अमेरिका स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहा है और दोनों पक्षों को विवादित सीमाओं पर चर्चा करने के लिए मौजूदा द्विपक्षीय चैनलों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करता है।

करीन जीन-पियरे ने कहा कि “हमें खुशी है कि दोनों पक्ष संघर्ष से जल्दी से अलग हो गए। हम स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं और भारत और चीन को विवादित सीमाओं पर चर्चा करने के लिए मौजूदा द्विपक्षीय चैनलों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में शुक्रवार (नौ दिसंबर) को भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई झड़प में दोनों पक्षों के सैनिकों को मामूली चोटें आईं और झड़प के तुरंत बाद दोनों पक्ष अपने इलाकों में लौट गए। आमने-सामने के क्षेत्र में तैनात भारतीय सैनिकों ने चीनी सैनिकों को करारा जवाब दिया और झड़प में घायल हुए चीनी सैनिकों की संख्या भारतीय सैनिकों से अधिक है।

अमित शाह और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने दी प्रतिक्रिया

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को संसद में कहा कि भारतीय सेना के जवानों ने नौ दिसंबर को अरुणाचल के तवांग सेक्टर के यांग्त्से क्षेत्र में चीनी सेना को वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) का उल्लंघन करने से बहादुरी से रोका। उन्होंने आगे कहा कि मैं सदन को आश्वस्त करना चाहता हूं कि कोई भी भारतीय सैनिक नहीं मारा गया या गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ। मैं सदन को यह भी विश्वास दिलाता हूं कि हमारी सेना देश की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करने में सक्षम है। हमारी सेना किसी भी अतिक्रमण से निपटने के लिए तैयार है। मुझे दृढ़ विश्वास है कि सदन हमारे सशस्त्र बलों की बहादुरी और साहस का समर्थन करेगा। वहीं, इस मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह ने साफ कर दिया है कि भारतीय सेना देश में कहीं भी किसी को एक इंच जमीन पर कब्जा नहीं करने देगी।

क्या हुआ था नौ दिसंबर को 

रिपोर्ट्स के मुताबिक नौ दिसंबर को 300 से ज्यादा चीनी सैनिक अरुणाचल प्रदेश में तवांग सेक्टर के यांग्त्से में 17 हजार फीट की ऊंचाई पर भारतीय सीमा में घुसपैठ करने की कोशिश की। यहां भारतीय पोस्ट को हटाने के लिए चीनी सैनिक कंटीले लाठी डंडे और इलेक्ट्रिक बैटन लेकर आए थे। भारतीय सेना भी चीनी सैनिकों का मुकाबला करने के लिए पूरी तरह से मुस्तैद थी। जैसे ही चीनी सैनिकों ने हमला किया, भारतीय जवानों ने भी जोरदार जवाब देना शुरू कर दिया। भारतीय सैनिकों ने भी कंटीले लाठी-डंडों से चीनी सैनिकों को जवाब दिया और वास्तविक नियंत्रण रेखा पर यथास्थिति को बदलने के उनके प्रयास को विफल कर दिया।

इन तीन रेजीमेंट के जवानों ने चीनियों को खदेड़ा

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, जब चीनी सैनिकों ने वास्तविक नियंत्रण रेखा पर यथास्थिति को बदलने का प्रयास किया तो जम्मू और कश्मीर राइफल्स, जाट रेजिमेंट और सिख लाइट इन्फैंट्री सहित तीन अलग-अलग बटालियनों से संबंधित सैनिकों ने उनका मुकाबला किया और उन्हें खदेड़ा।





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